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अनिल अंबानी, पिता के बर्थडे पर मुकेश अंबानी ने मदद के लिए छोटे भाई से की डील

नई दिल्ली: मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस जियो ने रिलायंस कम्युनिकेशंस, मोबाइल टावर व आप्टिकल फाइबर नेटवर्क सहित अन्य मोबाइल कारोबारी आस्तियों को खरीदने का सौदा किया है. दिलचस्प बात यह है कि दोनों भाइयों ने पिता के धीरूभाई अंबानी के जन्मदिन 28 दिसंबर को यह सौदा किया है. इस सौदे को मुकेश अंबानी के छोटे भाई अनिल अंबानी की कंपनी आरकॉम के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है. आरकॉम लगभग 45,000 करोड़ रुपये के भारी बोझ से दबी है और लंबे समय से इसे चुकाने के प्रयासों में जुटी है.

रिलायंस जियो ने एक बयान में इस सौदे की जानकारी दी है. कंपनी ने कहा है कि उसने इस बारे में एक ​निश्चित समझौता किया है. जियो के बयान में कहा गया है कि ​जियो या उसकी नामित इकाइयां इस सौदे के तहत आरकॉम व उसकी सम्बद्ध इकाइयों से चार श्रेणियों -टावर, आप्टिक्ल फाइबर केबल नेटवर्क, स्पेक्ट्रम व मीडिया कनवर्जेंस नोड्स (एसीएन) आस्तियां खरीदेगी.

जियो सफल बोलीदाता के रूप में उभरी
जियो का कहना है उक्त आस्तियां रणनीतिक महत्व की हैं और इससे जियो द्वारा वायरलैस व ‘फाइबर टु होम’ तथा उद्यम सेवाओं की बड़े पैमाने पर शुरुआत में मदद मिलेगी.

इस सौदे के बारे में सरकार व नियामकीय प्राधिकारों से मंजूरी ली जानी है. जियो का कहना है कि आरकॉम की आस्तियों के अधिग्रहण की प्रक्रिया उद्योग जगत के विशेषज्ञों के एक स्वतंत्र समूह की निगरानी में हुआ और दो दौर की निविदा प्रक्रिया में जियो सफल बोलीदाता के रूप में उभरी है.

इस डील से RCom 40,000 करोड़ रुपये जुटाई जाएगी
उल्लेखनीय है कि ऋण बोझ से दबी आरकॉम ने कर्जदारों के साथ एक नये सौदे को अंतिम रूप देने की घोषणा इसी मंगलवार को की थी. उसने कहा था कि नयी व्यवस्था के तहत वह आस्तियों की बिक्री से लगभग 40,000 करोड़ रुपये जुटाएगी.

अनिल अंबानी ने कहा था कि इस पुनरोद्धार योजना को उस चीनी बैंक का समर्थन भी है जिसने कंपनी को 1.8 अरब डालर का कर्ज चुकाने में असफलता के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में घसीटा था.

आरकॉम-जियो सौदे का स्वागत
मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो द्वारा संकट में फंसी रिलायंस कम्यूनिकेशंस के स्पेक्ट्रम, टावर तथा अन्य वायरलेस संपत्तियों के अधिग्रहण का उद्योग जगत ने स्वागत किया. दूरसंचार कंपनियों के संगठन सेल्यूलर ऑरपेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महानिदेशक राजन मैथ्यूज ने पीटीआई भाषा से बात करते हुए इस सौदे को उद्योग जगत के लिए अच्छा बताया. उन्होंने कहा, ‘‘यह उद्योग जगत के लिए अच्छा है क्योंकि यह ऐसे गंभीर प्रतिस्पर्धियों तक सिमटता जा रहा है जिनकी वित्तीय स्थिति बेहतर है. इससे भविष्य में उपभोक्ताओं को बेहतर और प्रभावी सेवा मिलेगी.’’

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