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लोकसभा में अर्थव्यस्था पर चर्चा के दौरान कांग्रेस-भाजपा के बीच चले जुबानी तीर

नई दिल्ली : लोकसभा में अर्थव्यवस्था को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जमकर तीर चले. जहां कांग्रेस ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण अर्थव्यवस्था की स्थिति बिगड़ी है और सरकार ने अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर निराश किया है. वहीं बीजेपी ने जोर दिया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करके, एफडीआई में चीन को पीछे छोड़ने और जीएसटी समेत अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने समेत कई कदम उठाकर मोदी सरकार ने ‘56 इंच का सीना’ दिखा दिया है.

मोइली का दावा राफेल सौदा ‘सबसे बड़ा घोटाला’ 
लोकसभा में वर्ष 2018-19 के केंद्रीय बजट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने दावा किया कि राफेल सौदा इस सरकार का ‘सबसे बड़ा घोटाला’ है . उन्होंने कहा कि जनता इस मामले पर प्रधानमंत्री का जवाब चाहती है. उन्होंने कहा कि इस विमान सौदे में राष्ट्रीय हित की उपेक्षा की गई. सरकार को इस बारे में श्वेत पत्र लाना चाहिए ताकि पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके.

कांग्रेस सदस्य ने कहा कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने पहले कहा था कि राफेल विमान सौदे को लेकर सारी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन अब उन्होंने संसद में कहा कि इसको लेकर कुछ नहीं बताया जा सकता. गौरतलब है कि कल लोकसभा में कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी राफेल विमान सौदे के संदर्भ में श्वेत पत्र लाने की मांग की थी.

मोइली ने सवाल उठाया कि अगर मोदी सरकार भ्रष्टाचार से लड़ने को लेकर गंभीर है तो फिर अब तक लोकपाल का गठन क्यों नहीं किया गया . उन्होंने आरोप लगाया कि जीएसटी को अधूरे ढंग से लागू करने के कारण कई राज्यों को राजस्व को नुकसान हो रहा है.

दूसरी ओर, कांग्रेस सदस्य मोइली ने कहा कि संप्रग सरकार के समय 2020 तक कच्चे तेल के आयात में 50 फीसदी की कटौती और देश के भीतर तेल उत्खनन बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया था. लेकिन यह सरकार तेल के आयात को बढ़ा रही है. ऐसा लगता है कि कच्चे तेल के आयात पर जोर कमिशन की वजह से दिया जा रहा है.

बीजेपी ने किया पलटवार
चर्चा में हिस्सा लेते हुए भाजपा के रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे सदन में अपने वक्तव्य में सरकार की आलोचना करते हुए पूछ रहे थे कि ‘56 इंच का सीना’ कहां है ? निशंक ने कहा कि जब भारत ने पाकिस्तान के इलाके में आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त कर दिया तो क्या 56 इंच का सीना नहीं दिखाया था ? प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश सबसे तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है तो क्या यह 56 इंच का सीना नहीं है.

निशंक ने कहा, ‘चीन को एफडीआई निवेश में पीछे छोड़ना क्या 56 इंच का सीना नहीं है ? उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सुशासन, गरीबी उन्मूलन वाला और विकासोन्मुखी बजट पेश किया है और इस बजट को पेश करके प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री ने अपनी दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है.’

उन्होंने कहा कि भाजपा नीत सरकार पहले की सरकार की तरह तुष्टीकरण का काम नहीं करती और अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए भी कई योजनाएं शुरू की गई हैं . यह सरकार योजनाएं बनाकर उनके क्रियान्वयन में सफल रही है. भाजपा सदस्य ने नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसलों को सुदृढ़ भारत के निर्माण की दिशा में क्रांतिकारी कदम और सभी नागरिकों को आर्थिक आजादी देने वाले निर्णय बताया.

 

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