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राफेल विमान सौदे को कांग्रेस ने बताया ‘सबसे बड़ा घोटाला’, श्वेत पत्र लाने की मांग

नई दिल्ली : कांग्रेस ने बुधवार को लोकसभा में राफेल विमान सौदे का मुद्दा उठाते हुए इसे केंद्र की वर्तमान सरकार का ‘सबसे बड़ा घोटाला’ करार दिया और इस संदर्भ में श्वेत पत्र लाने की मांग की. लोकसभा में वर्ष 2018-19 के केंद्रीय बजट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने दावा किया कि राफेल सौदा इस सरकार का ‘सबसे बड़ा घोटाला’ है . वहीं पीएम मोदी के लोकसभा में बुधवार को संबोधन के बाद पलटवार करते हुए कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वह एक घंटे से भी अधिक समय तक बोले लेकिन राफेल डील या किसानों या रोजगार के मसले पर कुछ नहीं बोले

‘जनता इस मसले पर पीएम का जवाब चाहती है’
मोइली ने कहा कि जनता इस मामले पर प्रधानमंत्री का जवाब चाहती है. उन्होंने कहा कि इस विमान सौदे में राष्ट्रीय हित की उपेक्षा की गई. सरकार को इस बारे में श्वेत पत्र लाना चाहिए ताकि पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके. कांग्रेस सदस्य ने कहा कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने पहले कहा था कि राफेल विमान सौदे को लेकर सारी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन अब उन्होंने संसद में कहा कि इसको लेकर कुछ नहीं बताया जा सकता. गौरतलब है कि मंगलवार को लोकसभा में कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी राफेल विमान सौदे के संदर्भ में श्वेत पत्र लाने की मांग की थी.

जीएसटी को लेकर साधा निशाना 
मोइली ने कहा कि अगर मोदी सरकार भ्रष्टाचार से लड़ने को लेकर गंभीर है तो फिर अब लोकपाल का गठन क्यों नहीं किया गया.  उन्होंने आरोप लगाया कि जीएसटी को अधूरे ढंग से लागू करने के कारण कई राज्यों को राजस्व को नुकसान हो रहा है. कांग्रेस सदस्य ने कहा कि संप्रग सरकार के समय 2020 तक कच्चे तेल के आयात में 50 फीसदी की कटौती और देश के भीतर तेल उत्खनन बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया था. लेकिन यह सरकार तेल के आयात को बढ़ा रही है. ऐसा लगता है कि कच्चे तेल के आयात पर जोर कमिशन की वजह से दिया जा रहा है.

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