बुधवार शाम नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए जांबाजों को दी गई अंतिम विदाई, उमड़ा जनसैलाब

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रायपुर: नारायणपुर जिले के इरपानार के जंगलों में बुधवार शाम हुए पुलिस नक्सली मुठभेड़ में शहीद 4 जवानों को नारायणपुर के पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि दी गई. श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कुम्हारपारा रक्षित केंद्र में शहीद स्मारक के पास किया गया था. शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने शिक्षा मंत्री केदार कश्यप, कोंडागांव विधायक मोहन मरकाम, डी.जी. एन.उपाध्याय, स्पेशल डी.जी. डी.एम. अवस्थी, बस्तर आईजी विवेकानंद सिन्हा, कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा, एसपी जितेंद्र शुक्ल, आईटीबीपी और जिला पुलिस के तमाम अधिकारी सहित शहीदों के परिजन और नगर के नागरिक पहुंचे. वहीं मुठभेड़ में शामिल हुए साथियों ने अपने शहीद साथियों को नम आंखों से विदाई दी. शिक्षा मंत्री ने जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाने और जवानों द्वारा नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देने की बात कही.

आपको बता दें कि नारायणपुर के इरपानार के जंगलों में नक्सलियों की सूचना पर डी.आर.जी. और एस.टी.एफ. की संयुक्त पार्टी रवाना हुई थी. बुधवार को लगभग 11 बजे इरपानार के जंगलों में पहले से घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने पार्टी पर हमला कर दिया था. नक्सलियों के घात लगाकर किए गए इस हमले के बाद भी पुलिस जवानों ने डटकर उनका सामना किया. इस नक्सली मुठभेड़ में 4 जवान शहीद हुए थे. जिसमें दो सब इंस्पेक्टर और दो आरक्षक हैं. इन शहीद जांबाजों को गुरुवार को पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि दी गई.

दो शहीदों के शव हेलीकॉप्टर से भेजे गए
शहीद जवानों को बस्तर आईजी, पुलिस अधीक्षक सहित साथी जवानों ने नम आंखों से अपने कंधों पर अंतिम विदाई दी. विनोद कौशिक (सब इंस्पेक्टर, बिलासपुर जिला), मूलचंद कंवर (सब इंस्पेक्टर, निवासी कोरबा जिला) के शव को गृहग्राम के लिए हेलीकॉप्टर से रवाना किया गया. इसके अलावा रायसिंह मरकाम के शव को कोंडागांव विधायक मोहन मरकाम परिजनों के साथ ले गए. वहीं आर. देवनाथ पुजारी निवासी कुम्हारपारा को अंतिम विदाई नारायणपुर कुम्हारपारा में ही दी गई.

शहीद हुआ कोरबा का ये लाल, एक साल पहले हुई थी शादी
इसे गर्व कहें या अनंत शोक लेकिन ये सच है कि कोरबा का एक लाल नक्सलियों के कट्टर सोच का निशाना बन गया. कुस्मुन्डा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत जपेली के आश्रित ग्राम घनाडबरी का रहने वाला मूलचन्द सिंह कंवर बुधवार की शाम बस्तर के नारायणपुर में माओवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गया. मूलचन्द की शहादत की खबर जैसे ही उसके गांव पहुंची पूरे इलाके में मातम पसर गया. वहीं उसकी पत्नी इन्दु प्रभा समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. मूलचंद की पिछले ही साल शादी हुई थी.

जानकारी के मुताबिक मूलतः कुसमुण्डा थानांतर्गत ग्राम घनाडबरी के रहने वाले होनहार मूलचंद का चयन 2012 में उपनिरीक्षक के पद पर हुआ था. कोरबा जिले के थाने में पदस्थ उनके बचपन के एक मित्र ने भारी मन से बताया कि उसका और मूलचंद दोनों का चयन एक ही साथ छत्तीसगढ़ पुलिस सेवा के लिए हुआ था. शहीद मूलचंद ने अपनी प्राथमिक शिक्षा घनाडबरी से ली थी वहीं उसने हायर सेकेंडरी और महाविद्यालयीन शिक्षा कटघोरा के शासकीय संस्थानों में पूरी की. शुरू से ही मेघावी रहे शहीद मूलचंद इससे पूर्व में पोंड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम चर्रापारा प्राथमिक-माध्यमिक शाला में बतौर शिक्षाकर्मी वर्ग दो पदस्थ थे. लेकिन, देश की रक्षा के लिए कुछ कर गुजरने का हौसला उन्हें पुलिस की भर्ती तक खींच ले गया.

कड़ी मेहनत और लगन का नतीजा यह निकला की छह साल पहले उनका चयन उप निरीक्षक के तौर पर बस्तर संभाग में हो गया. एक-दो वर्षों तक सुकमा में सेवा देने के बाद शहीद मूलचंद का स्थानांतरण नारायणपुर जिले में हो गया था. जिसके बाद से वह वहीं नक्सलियों के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए थे. बुधवार दोपहर नारायणपुर एसपी के नेतृत्व में नक्सलियों के मंसूबों को ध्वस्त करने के मकसद से रवाना हुई टीम में वह भी शामिल थे, लेकिन शायद नियति को कुछ और ही मंजूर था. धुरनक्सली इलाके इरनपारा में चली घंटों मुठभेड़ में एक गोली मूलचंद के बदन को चीरते हुए निकल गई और मूलचंद वीरगति को प्राप्त हो गए.