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26 जनवरी की परेड में राहुल गांधी को चौथी लाइन में मिली जगह, 70 साल में पहली बार होगा ऐसा

नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में होने वाले ध्वाजारोहण और परेड कार्यक्रम में राहुल गांधी को आमंत्रित तो किया गया है, लेकिन उन्हें बैठने के लिए पहली पंक्ति में जगह नहीं दी गई है. 26 जनवरी के कार्यक्रम में राहुल गांधी को बैठने के लिए चौथी पंक्ति में जगह दी गई है. सन् 1950 के बाद यह पहला मौका होगा जब कांग्रेस अध्यक्ष को 26 जनवरी के कार्यक्रम में पहली पंक्ति में जगह नहीं दी गई है. कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार के इस फैसले की निंदा की है और कहा है कि यह फैसला मौजूदा केंद्र सरकार की मानसिकता को दर्शाता है. इससे पहले कांग्रेस के विपक्ष में होने के बावजूद इस पार्टी के अध्यक्ष को स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में पहली पंक्ति में बैठने को दिया जाता रहा है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को भी 2014 में इस सरकार के सत्ता में आने के बाद से गणतंत्र दिवस परेड में हमेशा प्रथम पंक्ति में बैठने का स्थान दिया गया है.

राहुल गांधी कार्यक्रम में करेंगे शिरकत
गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में भले ही राहुल गांधी को बैठने के लिए चौथी पंक्ति में जगह दी गई है, लेकिन वे इसमें हिस्सा लेंगे. कांग्रेस पार्टी की ओर से कहा गया है कि राहुल गांधी गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में जरूर हिस्सा लेंगे. बीजेपी की सरकार भले ही ओछी राजनीति करे, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष की राष्ट्रीय पर्व का सम्मान करते हैं.

मालूम हो कि इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में आसियान के 10 राष्ट्राध्यक्ष बतौर मुख्य अतिथि शामिल हो रहे हैं. साल 1950 से ही गणतंत्र दिवस के चीफ गेस्ट का एक प्रतीकात्मक महत्व रहा है. वैश्विक राजनीति में भारत की भूमिका और नीति के मुताबिक यह चुनाव किया जाता रहा है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहली बार गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराएंगे.

कांग्रेस नेता ने बताया, ‘हां, हमें पता चला है कि राहुल गांधी को गणतंत्र दिवस समारोह में चौथी पंक्ति में जगह दी गई है. यह काफी ओछी हरकत है.’ उन्होंने कहा कि राहुल को चौथी पंक्ति में जगह ‘सरकार के कहने पर दी गई है क्योंकि अधिकारी खुद यह निर्णय नहीं ले सकते.’ उन्होंने कहा, ‘यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार का तरीका है, वे लोग आसियान नेता और भारत के लोगों के सामने कांग्रेस पार्टी और इसके अध्यक्ष को नीचा दिखाना चाहते हैं. इस तरह वह यह बताना चाहते हैं कि वह (राहुल) और कांग्रेस पार्टी की कोई अहमियत नहीं रह गई है.’

जमीन से लेकर आसमान तक कड़ी सुरक्षा
गणतंत्र दिवस की तैयारियों और हाई-प्रोफाइल शिखर सम्मेलन के लिए 10 आसियान नेताओं के आगमन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में जमीन से लेकर आसमान तक ऐसी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी है कि परिंदा भी पर ना मार सके. दिल्ली और शहर के सीमावर्ती इलाकों में हजारों सशस्त्र कर्मी पूरी सतर्कता के साथ गतिविधयों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि कल आयोजित होने वाला गणतंत्र दिवस समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हो. अधिकारी ने बताया कि विमान रोधी बंदूकों के साथ बड़ी संख्या में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएंगे.

दिल्ली पुलिस दल सुरक्षा ऑडिट कर रही है
सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और उनकी फुटेज की निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं. पुलिस अधिकारी अहम स्थानों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं. सभी बाजारों में सतर्कता बरती जा रही है. दिल्ली पुलिस दल सुरक्षा ऑडिट कर रही है. मुख्य बाजारों में पुलिस ने खोजी कुत्तों को भी तैनात किया है. अधिकारी ने बताया कि पुलिस कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं.

नई दिल्ली क्षेत्र में 50,000 जवानों को तैनाती
पूरे मध्य एवं नई दिल्ली क्षेत्र में दिल्ली पुलिस तथा केंद्रीय सुरक्षा बलों के करीब 50,000 जवानों को तैनात किया गया है. इलाके में बहु-स्तरीय सुरक्षा तैनात की गई है. अर्द्धसैनिक तथा एनएसजी कमांडो के साथ दिल्ली पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है. गुरुवार को आसियान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद, आसियान नेता कल गणतंत्र दिवस परेड पर मुख्य अतिथि होंगे. दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) एक बहुपक्षीय संघ है. इसमें थाईलैंड, इंडोनेशिया, सिंगापुर, ब्रुनेई, लाओस, म्यामां, कंबोडिया, मलेशिया, फिलीपींस और वियतनाम शामिल हैं.

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