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अहमदाबाद से मुंबई के बीच ट्रेन का रियलिटी चेक, इसी रूट पर कुछ सालों बाद बुलेट ट्रेन दौड़ेगी

मुंबई/अहमदाबाद : देश में एक तरफ बुलेट ट्रेन की बातें हो रही हैं. देश के लोगों की बुलेट ट्रेन के प्रति उत्सुकता बढ़ गई है. लेकिन, एक सच ये भी है कि मौजूदा ट्रेन-व्यवस्था को दुरुस्त किए बगैर बुलेट ट्रेन का सपना मुमकिन नहीं है. बुलेट ट्रेन और मौजूदा रेलवे सिस्टम पर रोजाना कई सवाल खड़े होते हैं गांधीजी 1915 में जब भारत लौटे तो पूरे देश का हाल जानने के लिए और देश को आजादी दिलाने के लिए उत्सुक थे. बहुत विचार करने के बाद उन्होंने तय किया कि अगर भारत को जानना है तो ट्रेन का सफर ही बेहतरीन विकल्प है. आज की तारीख में भी यह बात लागू होती है.इसीलिए इन सभी सवालों के जवाब तरासने के लिए  मीडिया के संवाददाता ने उसी रूट अहमदाबाद से मुंबई के बीच ट्रेन में सफर किया जिस रूट पर कुछ सालों बाद बुलेट ट्रेन दौड़ेगी.

491 किमी. की दूरी पूरा करने में लगते हैं साढ़े 6 घंटे
भारतीय रेल व्यवस्था का ताजा हाल जानने के लिए मीडिया संवाददाता ने अहमदाबाद से मुंबई तक शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन में सफर किया. आपको बता दें कि शताब्दी ट्रेन भारत की प्रीमियम ट्रेन की लिस्ट में शामिल है. वैसे तो आमतौर पर ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई तक 8 घंटे से अधिक का समय लेती है लेकिन ये फास्ट ट्रेन है फिर भी साढ़े छह घंटा लगता है. दोनों स्टेशनों के बीच की कुल दूरी 491 किलोमीटर की है

साढ़े 6 मिनट लेट चली ट्रेन
अहमदाबाद से ट्रेन का मुंबई के लिए निकलने का टाइम था दोपहर 2:40 का लेकिन जब चेक किया तो ट्रेन साढ़े छह मिनट लेट चली. हालांकि यहां यह बात भी गौर करने वाली है कि भारत में कई बार ट्रेनों का घंटों तक कोई अता-पता ही नहीं होता है. लेकिन, अगर बुलेट ट्रेन में सफर करना है तो सही समय की आदत डालनी होगी. क्योंकि जापान में तो ट्रेन सेकंड भर भी लेट चलती है फिर भी खबर बनती है.

जल्द शुरू होनी चाहिए बुलेट ट्रेन
अहमदाबाद से निकलते ही ट्रेन ने अपनी रफ्तार पकड़ ली थी और तेजी से मुंबई के बीच की दूरी कम होती जा रही थी. शाम को हाई टी के वक्त ट्रेन में मूंगदाल, समोसा, मफिन, सेंडविच और चाय परोसी गई. ट्रेन में सफर कर रहे यात्री हाई टी में दी गई चीजों से संतुष्ट नजर आए. मौजूदा रेल सर्विस पर मीडिया से बात करते हुए ट्रेन में सफर कर रहे ज्यादातर यात्रियों ने माना कि ट्रेन-व्यवस्था में बदलाव हुआ है. लोगों का कहना था कि अब बुलेट ट्रेन जल्द शुरू होनी चाहिए.

समय बचा तो देंगे ज्यादा किराया
आपको बता दें कि अहमदाबाद और मुंबई के बीच रोजाना करीब 24 हजार यात्री सफर करते हैं. करीब-करीब इतने ही लोग सड़क या हवाई मार्ग से भी ट्रेवल करते हैं. बुलेट ट्रेन जब शुरू होगी तो रेलवे को अंदाजन 50 हजार मुसाफिर रोजाना बुलेट ट्रेन में सफर करने की संभावना है. लेकिन, अनुमान है कि जब बुलेट ट्रेन शुरू होगी तब किराया शायद आज के हवाई जहाज के किराए जितना होगा. इस पर ट्रेन में सफर कर रहे लोगों की राय जानने की कोशिश की गई. शताब्दी के यात्रियों ने कहा, “अगर समय बच जाता है तो थोड़ा ज्यादा किराया देकर भी वो बुलेट ट्रेन पसंद करेंगे.”

स्टेशनों पर सफाई और सुरक्षा नजर आई चाक-चौबंद
मीडिया की पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि अहमदाबाद से साढ़े छह मिनट की देरी से चली शताब्दी ट्रेन वडोदरा स्टेशन पर कुछ मिनट पहले ही पहुंच गई. वडोदरा स्टेशन पर सुरक्षा और सफाई की व्यवस्था चाक-चौबंद नजर आई. वडोदरा के बाद ट्रेन सूरत की ओर आगे बढ़ गई. इस दौरान पुलिस लगातार हर डिब्बे में चक्कर लगाती नजर आई.

‘अनुभूति’ देख लगा बदल रही है भारतीय रेल
सफर के दौरान मीडिया ने अनुभूति नाम के एक नए कोच की भी पड़ताल की. आपको बता दें कि भारत सरकार ने कुछ विशेष ट्रेन में अनुभूति और तेजस नाम के कोच को भी जोड़ा है जो हवाई जहाज की तर्ज पर काम करते हैं. अनुभूति कोच में बैठने की बेहतर सीटों के अलावा भी तमाम खूबियां हैं. इस कोच में यात्रा करने वाले सभी यात्री खुश नजर आए. हालांकि अभी हर यात्री की सीट के आगे जो LED स्क्रीन दिया गया है वो बंद नजर आया. इस कोच का अनुभव तो यही कहता है कि भारतीय रेल बदल रही है.

महिला यात्रियों की संख्या भी नजर आई काफी
रियलिटी चेक के दौरान एक बात और नजर आई कि हर कोच में महिला यात्री की संख्या काफी थी. ट्रेन के सफर के दौरान महिला सुरक्षा काफी गंभीर मुद्दा है. अभी महिला यात्री अपनी सुरक्षा को लेकर क्या सोचती हैं यह जानने की भी कोशिश की गई. बातचीत के दौरान इस ट्रेन में सुरक्षा से महिला यात्री संतुष्ट नजर आईं. लेकिन, यह बात भी निकल कर आई कि भारत की दूसरी ट्रेनों में अभी भी महिला उतनी सुरक्षित नहीं हैं.

ट्रेन में लगातार होती रही सफाई
सफर में सामने आया कि अगर खाना-पीना अच्छा और समय पर मिल जाए तो फिर भारतीयों को और क्या चाहिए. रियलिटी चेक के दौरान यह भी दिखा कि ट्रेन में सफाई लगातार हो रही है. लोग कचरा डस्टबिन में डाल रहे हैं. हालांकि कुछ स्टेशन पर लोग अभी भी कचरा फेंकते दिखे. टॉयलेट एरिया में ट्रेन के कर्मचारी सफाई रखते हैं लेकिन लोग सफाई रखने में आलसी नजर आए.

मुंबई के लोगों को भी बुलेट ट्रेन का इंतजार
शताब्दी ट्रेन जब मुंबई पहुंची तो मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर मौजूद लोगों से भी बुलेट ट्रेन की बात की गई. बातचीत के दौरान मुंबई के लोग भी बुलेट ट्रेन को लेकर काफी उत्सुक नजर आए.

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