राज्यसभा में बोले सुब्रमण्यम स्वामी, ‘गोमांस निर्यातकों को फांसी की सजा होनी चाहिए’

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नई दिल्ली : राज्यसभा सांसद तथा बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने शुक्रवार को राज्यसभा में गौ सरंक्षण बिल-2017 पेश किया. उन्होंने बिल पेश करते हुए मांग की कि गौहत्या के दोषियों और गोमांस निर्यातकों को कड़े अर्थ दंड के साथ फांसी की सजा का भी प्रावधान होना चाहिए.

मुगल काल में गौ हत्या पर रोक थी
सदन में बिल पेश करते हुए स्वामी ने कहा कि मुगल काल में भी बहादुर शाह जफर ने गौ हत्या पर प्रतिबंध लगाया था. उन्होंने कहा कि अंग्रेजों का राज आने के बाद ही देश में गौ हत्या का चलन बढ़ा था. स्वामी ने कहा कि आधुनिक विज्ञान में यह बात साबित हो चुकी है कि गाय से मिलने वाले उत्पादों के कई वैज्ञानिक पहलू हैं. गोमूत्र से दवा और कीटनाशक बनाए जा रहे हैं. अमेरिका ने इसके लिए पेटेंट भी हासिल कर लिया है. बिल पर चर्चा करते हुए सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि सरकार को हर एक गांव में गोशाला बनानी चाहिए. गौवंश के संरक्षण पर बल देना चाहिए.

गौमांस निर्यातकों को फांसी की मांग
उन्होंने कहा कि गोमांस निर्यात की अत्यधिक मांग है, इसलिए इस धंधे में लगे लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए. इसमें अर्थदंड से लेकर फांसी की सजा तक होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि गाय के संरक्षण पर ध्यान देना जरूरी है लेकिन गाय को राजनीतिक पशु नहीं बनाना चाहिए.

CPI ने किया विरोध
स्वामी के बिल के विरोध में सीपीआई के सांसद डी. राजा ने कहा कि गाय का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है. गाय के नाम पर समाज में नफरत और लोगों को मारा जा रहा है. उन्होंने कहा कि स्वामी को इस बात पर भी सोचना चाहिए. राजा ने कहा कि हाल के दिनों में गोहत्या के आरोप में दलितों, मुस्लिमों को हिंसक भीड़ का निशाना बनना पड़ा है. उन्होंने कहा कि गाय के नाम पर देश को बांटने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने इस बिल को खारिज करने की अपील की.

गोहत्या पर उम्रकैद
गुजरात में गोहत्या करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा. दोष सिद्ध होने पर उम्रकैद की सजा दी जाएगी. गुजरात विधानसभा में गौ हत्या संशोधन बिल पास हो गया है जिसके तहत गाय की हत्या करने वालों को अब उम्रकैद की सज़ा होगी. इसके साथ ही गाय की तस्करी करने वालों के लिए भी 10 साल की सज़ा का प्रावधान है. इतना ही नहीं नए कानून में जुर्माना राशि को भी दोगुना कर दिया गया है. अब इस कानून में एक लाख से पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा होगी. इस तरह का कानून बनाकर गुजरात देश का पहला राज्य बन गया है जहां गाय की हत्या करने पर उम्रकैद की सज़ा होगी.