डेंटल काउंसिल के रजिस्ट्रार के लॉकर पर छापा, दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन की करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा

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नई दिल्ली: दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की मुश्किलें बढ़ती दिख रही है. दिल्ली डेंटल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉक्टर ऋषि राज के लॉकर की जांच में सत्येंद्र जैन की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है. सीबीआई की टीम ने रविवार को डॉक्टर ऋषि राज के लॉकर पर छापेमारी की थी, जिसमें सत्येंद्र जैन की करोड़ों की संपत्ति के कागजात मिले हैं. हालांकि सीबीआई का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वे इस मामले में कुछ भी कह पाएंगे. सीबीआई ने डॉक्टर ऋषि राज के घर से 41 चेक बुक और तीन संपत्‍तियों के दस्‍तावेज भी बरामद किए हैं, जिसमें से कई में दिल्‍ली के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सत्‍येंद्र जैन और उनकी पत्‍नी के नाम लिखा हुआ है. सीबीआई अब डॉक्टर राज से पूछताछ कर इस मामले का खुलासा करने में लगी हुई है.

मालूम हो कि डॉ. ऋषि राज और प्रदीप शर्मा को रिश्‍वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया था. इनके ऊपर एक ब्‍लैक लिस्‍ट कंपनी को फिर से काम देने के ऐवज में 4.73 लाख रुपये रिश्‍वत लेने का आरोप है. इसी मामले में जब सीबीआई ने डॉ. ऋषि के घर पर छापा मारा तो उसके घर से 41 चेक बुक और तीन संपत्तियों के दस्‍तावेज बरामद हुए. इसी के साथ एक लॉकर में दो करोड़ कैश जमा कराने की रसीद भी बरामद हुए हैं.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीबीआई ने जिन दस्‍तावेजों को डॉ. ऋषि के घर से बरामद किया है उनमें से कुछ में दिल्‍ली के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सत्‍येंद्र जैन और उनकी पत्‍नी के नाम लिखा हुआ है.

मंत्री सत्येंद्र जैन के घर पहुंची थी CBI की टीम
इससे पहले पिछले साल जनवरी में सत्येंद्र जैने के घर सीबीआई टीम पहुंची थी. जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकिर सीबीआई की टीम उनकी पत्नी से पूछताछ की गई थी. सीबीआई ने जैन के खिलाफ प्राथमिक जांच दर्ज की थी.

सीबीआई सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने मंत्री की पत्नी से समय मांगा था. बता दें सीबीआई ने अप्रैल में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के संबंध में आप मंत्री के खिलाफ प्राथमिक जांच दर्ज की थी. इस संबंध में एजेंसी ने हाल में उनसे पूछताछ भी की थी.

क्या आरोप था जैन पर?
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि जैन पर प्रयास इंफो सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, अकिनचन डिवेल्पर्स प्राइवेट लिमिटेड एवं मंगलयत्न प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए साल 2015-16 के दौरान एक लोकसेवक होने के दौरान 4.63 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप है.