राजस्थान उपचुनाव में BJP की हार पर करणी सेना ने कहा, ‘पद्मावत के विरोध ने दिखाया अपना असर’

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जयपुर : राजस्थान में दो लोकसभा और एक विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी को मिली करारी हार पर करणी सेना ने कहा है कि राजस्थान में पद्मावत को बैन नहीं किया गया था, इसलिए राजपूतों के विरोध ने अपना असर दिखा दिया है. उन्होंने कहा कि यह तो 29 जनवरी को चुनाव वाले दिन ही साफ हो गया था, लेकिन उसका रिजल्ट आज आया है. उन्होंने कहा कि राजपूतों की एकजुटता से ही बीजेपी को राजस्थान उपचुनाव में करारी हार मिली है.

करणी सेना के मुखिया लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा, मैं प्रधानमंत्री को अब भी सुझाव दूंगा कि इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाया जाए. और यहीं एकमात्र समाधान भी है. लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब उपचुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी को विजय नहीं मिली हो.

बीजेपी को मिली करारी हार
बता दें कि आज एक फरवरी को उपचुनाव के परिणामों में बीजेपी को तीनों ही सीटों पर करारी हार का सामना करना पड़ा. मंडलगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार विवेक धाकड़ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शक्ति सिंह हाडा को 12,976 वोटों से हराया. यह चुनाव भाजपा विधायक कीर्ति कुमारी की बीते साल अगस्त में स्वाइन फ्लू की वजह से निधन के कारण खाली हुई सीट पर कराया गया.

अजमेर लोकसभा सीट पर भी कांग्रेस के रघु शर्मा ने भाजपा के राम स्वरूप लांबा को हराकर जीत हासिल की. अलवर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के करण सिंह यादव के भाजपा के जसवंत सिंह यादव को एक बड़े अंतर से हराया. इन सीटों पर भी सांसदों के निधन के बाद फिर से चुनाव कराए गए थे.

कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत
साल 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद देशभर में पंचायत और नगर पंचायत तक के ज्यादातर चुनावों में हार झेल रही कांग्रेस ने राजस्थान उपचुनाव में अप्रत्याशित जीत दर्ज की है. आगामी विधानसभा चुनावों से चंद महीने पहले राजस्थान में हुए उपचुनावों में कांग्रेस ने सभी तीनों सीटें (दो लोकसभा और एक विधानसभा) जीत ली हैं. अजमेर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के रघु शर्मा जीते हैं तो अलवर सीट पर कांग्रेस के करण सिंह यादव ने विजयी पताका फहराया है. मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर भी कांग्रेस के विवेक धाकड़ ने जीत का स्वाद चखा है. इन तीनों सीटों पर मिली जीत कांग्रेस के लिए काफी महत्वपूर्ण है.

पद्मावत भी है एक कारण
कांग्रेस के राजस्थान उपचुनाव में कांग्रेस के जीतने में संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ का एक बड़ा योगदान हो सकता है. राजस्थान में उपचुनाव में वोटिंग इस बार सिर्फ एक ही मुद्दे पर हुई और वो था जातियों का समीकरण. इसी कारण ने इस बार राज्य के उपचुनाव में ‘पद्मावत’ को अहम बना दिया. दरअसल अजमेर लोकसभा सीट पर रावण राजपूतों को गेमचेंजर माना जा रहा है. रावण राजपूत समुदाय की अजमेर में अच्छी-खासी आबादी है. एक ऐसे निर्वाचन क्षेत्र में जहां दोनों ही पार्टियां अपने परंपरागत वोटरों और समर्थकों पर निर्भर हों, वहां रावण राजपूतों के वोट निर्णायक साबित हो सकते हैं.

8 विधायक भी कांग्रेस को हरा नहीं पाए
अजमेर लोकसभा सीट के तहत विधानसभा की 8 सीटें हैं. इन सभी आठ सीटों पर बीजेपी के विधायक हैं. दूदू- प्रेमचंद, किशनगढ़- भागीरथ चौधरी, पुष्कर- सुरेश सिंह रावत, अजमेर उत्तर- वासुदेव देवनानी, अजमेर दक्षिण- अनिता भदेल, नसीराबाद- सांवर लाल, मसूदा- सुशील कुमार पलाड़ा और केकड़ी सीट से बीजेपी के शत्रुघ्न गौतम विधायक हैं. सीएम वसुंधरा ने इन आठों विधायकों से कहा था कि वे उपचुनाव में दिन रात ड्यूटी करें, लेकिन इनकी रणनीति नाकाम साबित हुई.