खुशखबरी! इस तारीख से शुरू होगी ‘मोदीकेयर’, 50 करोड़ लोगों को मिलेगा फायदा

0
90

नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि आम बजट में घोषित विश्व की सबसे बड़ी चिकित्सा बीमा योजना कैशलेस होगी और इसमें इलाज खर्च अपनी तरफ से करने के बाद भुगतान के लिए दावा करने की जरूरत नहीं होगी. इस योजना की शुरूआत इस साल 2 अक्टूबर से होगी. उन्होंने कहा कि इसे अगले वित्त वर्ष से लागू किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर धन का आवंटन बढ़ाया जाएगा. ‘मोदीकेयर’ के रूप में चर्चित राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना के तहत कुल आबादी के 40 प्रतिशत यानी 10 करोड़ परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आने पर पांच लाख रुपये तक की चिकित्सा बीमा सुरक्षा दी जाएगी.

जेटली ने कहा कि इसके तहत माध्यमिक और उच्चस्तरीय अस्पतालों में भर्ती के खर्च का बीमा होगा. निश्चित तौर पर इसमें तमाम सरकारी अस्पताल और कुछ चुनिंदा निजी अस्पताल शामिल होंगे. यह योजना विश्वास और बीमा के मॉडल पर आधारित हो सकती है. उन्होंने कहा कि इसके तरीके पर नीति आयोग और स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच चर्चा चल रही है. उन्होंने कहा कि इसे अगले वित्त वर्ष में लागू किया जाएगा. ओपन मैगजीन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि बीमा मॉडल होने से जैसे जैसे बीमाधारकों की संख्या बढ़ेगी, प्रीमियम कम होगा.

दो हजार करोड़ का बजट
वित्त मंत्री ने योजना के पूरी तरह सरकारी वित्तपोषित होने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि दो हजार करोड़ रुपये की शुरुआती राशि का आवंटन कर दिया गया है. योजना के लागू होने के बाद जितनी भी राशि की आवश्यकता होगी, वह दी जाएगी.

उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले साल में मैं और सहज स्थिति देख पा रहा हूं. जहां तक प्रत्यक्ष कर में ग्राफ का संबंध है तो यह तेजी से चढ़ेगा.’’ जेटली ने कहा कि नोटबंदी तथा माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के बाद प्रत्यक्ष करदाताओं की संख्या बढ़ी है. कर-चोरी रोकने के उपाय होते ही मुझे जीएसटी संग्रह में भी बढ़ोत्तरी की उम्मीद है. मुझे नहीं लगता कि राजस्व कोई बड़ी चुनौती होने वाला है.

 

बजट में किया था ऐलान
गुरुवार को बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गरीबों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अमेरिका में ‘ओबामा केयर’ की तर्ज पर ‘मोदी केयर’ जैसी योजना का ऐलान किया था. सरकार ने 50 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये सालाना बीमा कवरेज की घोषणा की थी. इन बीमा योजनाओं का प्रीमियम सरकार देगी.

केंद्र और राज्य मिलकर उठाएंगे बोझ
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि हम स्वास्थ्य की दिशा में नये कदम उठा रहे हैं. अगर हमारे पास स्वस्थ नागरिक होंगे, तो हमारी उत्पादकता ज्यादा होगी. पहले प्राइमरी हेल्थ सेंटर में मां और बच्चे के स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाता था. अब उसी केंद्र को ‘हेल्‍थ एंड वेलनेश सेंटर’ के तौर पर विकसित किया जाएगा. उन्‍होंने कहा कि इस सेंटर पर कम्‍यूनिकेबल और नॉन कम्‍यूनिकेबल दोनों तरह की बिमारियों को कवर करेंगे. उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी बीमा योजना का 60 प्रतिशत खर्च केंद्र और 40 प्रतिशत खर्च राज्य वहन करेंगे.