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मनी लांड्रिंग मामले में वीरभद्र सिंह और पत्नी समेत 3 को अदालत का समन

नई दिल्ली: एक विशेष अदालत ने यहां सात करोड़ रूपये के धन शोधन मामले में हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी और तीन अन्य को आरोपी के तौर पर समन जारी किया है. विशेष न्यायाधीश संतोष स्नेही मान ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ ‘‘प्रथम दृष्टया’’ पर्याप्त साक्ष्य हैं और उन्हें 22 मार्च को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया.

प्रवर्तन निदेशालय ने 83 वर्षीय सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दायर करते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने सात करोड़ की ‘‘अपराध से हासिल की गई’’ रकम को अपनी पत्नी और अन्य के साथ मिलकर कृषि से हुई आय के तौर पर दिखाया था और इसे जीवन बीमा की पॉलिसी खरीदने के लिये निवेश किया था.

सिंह और उनकी 62 वर्षीय पत्नी प्रतिभा सिंह के अलावा अदालत ने यूनिवर्सल एपल असोसिएशन के मालिक चुन्नी लाल चौहान और दो अन्य सह-आरोपियों प्रेम राज और लवण कुमार रोच को भी समन जारी किये हैं.  अंतिम रिपोर्ट में जीवन बीमा निगम के अभिकर्ता आनंद चौहान का नाम भी आरोपी के तौर पर दर्ज है.

एजेंसी ने पहले ही उसके खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था. सभी छह आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

वीरभद्र और उनकी पत्नी के खिलाफ चार्जशीट
1 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली की एक अदालत में हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के खिलाफ धन शोधन के एक मामले में आरोप पत्र दाखिल किया गया था.  इसमें पत्नी और अन्य के साथ साठगांठ कर कृषि आय के तौर पर सात करोड़ रूपये लाभ कमाने और इसे एलआईसी की पॉलिसी खरीदने में निवेश करने का आरोप लगाया गया था.

LIC का एजेंट भी आरोपी
विशेष न्यायाधीश संतोष स्नेही मान के समक्ष दायर आरोप पत्र में कथित धनशोधन के लिए ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी प्रतिभा सिंह और जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के एजेंट आनंद चौहान को भी आरोपी बनाया था. आरोप पत्र में 83 वर्षीय वीरभद्र सिंह, उनकी 62 वर्षीय पत्नी और आनंद चौहान के अलावा यूनिवर्सल एपल एसोसिएशन के मालिक चुन्नी लाल चौहान, और दो अन्य सह-आरोपी प्रेम राज और लवण कुमार के नाम हैं. सभी के खिलाफ धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आरोप लगाए गए थे. आनंद चौहान के खिलाफ यह दूसरा आरोप पत्र भी था.

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