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राफेल मामलाः राहुल गांधी बोले-‘या तो रक्षा मंत्री पहले झूठ बोल रहीं थीं या अब झूठ बोल रहीं हैं?’

नई दिल्लीः  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को एक बार फिर केंद्र की बीजेपी सरकार पर राफेल डील को लेकर निशाना साधा. संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा. हमने जहाज खरीदने को लेकर पीएम मोदी से तीन सवाल पूछे लेकिन एक का भी जवाब नहीं मिला है. पीएम मोदी बड़े-बड़े भाषण दे रहे हैं. लेकिन असली सवालों का जवाब नहीं दे रहे है. राहुल गांधी ने कहा , ‘इस डील का निर्णय पीएम मोदी ने खुद पेरिस जाकर लिया,क्या उन्होंने इस बारे में  कैबिनेट ऑफ सिक्योरिटी में इसकी चर्चा की थी? हिंदुस्तान एरोनॉटिकल्स लिमिटेड (HAL) से यह कॉन्ट्रैक्ट क्यों लिया गया? HAL से कॉन्ट्रैक्ट लेकर बिजनेसमैन को क्यों दिया गया? जो जहाज खरीदा उसका क्या दाम है? ‘

राहुल गांधी ने कहा, ‘आपने कल पीएम मोदी को देखा होगा, उन्होंने लंबा भाषण दिया, लेकिन जरूरी सवालों का उनके पास कोई जवाब नहीं था’. राहुल गांधी ने कहा, ‘रक्षा मंत्री ने 2017 में खुद कहा था कि राफेल एयरक्राफ्ट की खरीद का ब्योरा दिया जाएगा, लेकिन अब वह कह रही है कि यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है इसे सार्वजनिक नहीं कर सकते हैं, तो उनका कौन सा बयान सही है? या तो रक्षा मंत्री अभी झूठ बोल रही हैं या फिर वो पहले झूठ बोल रहीं थीं? ये साफ है कि इस मामले में गड़बड़ी हुई है.’

इससे पहले बुधवार (7 फरवरी) को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल लड़ाकू विमान सौदा को लेकर एनडीए सरकार पर हमला बोलते हुए इसे ‘‘बड़ा राफेल रहस्य’’ करार दिया. साथ ही पार्टी ने इस सौदे में राष्ट्रीय हित एवं सुरक्षा के साथ सौदा करने का आरोप लगाया और कहा कि इसमें घोटाले की बू आ रही है क्योंकि सौदे के लिए बातचीत में कोई पारदर्शिता नहीं है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस सौदे को लेकर ट्वीट के जरिये सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा, ‘‘अति गोपनीय (वितरण के लिए नहीं). आरएम (रक्षा मंत्री) कहती हैं कि प्रत्येक राफेल विमान के लिए प्रधानमंत्री और उनके ‘भरोसेमंद’ मित्र के बीच हुई बातचीत एक राजकीय गोपनीयता है.’’

राहुल ने कहा, ‘‘कार्रवाई बिन्दु 1. मूल्य के बारे में संसद को सूचित करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होगा. 2. जो भी पूछे, उसे राष्ट्र विरोधी घोषित कर दो.’’ कांग्रेस अध्यक्ष ने इस ट्वीट पर हैशटैग दिया ‘‘बड़ा राफेल रहस्य’’

‘‘मोदीजी ने व्यक्तिगत रूप से यह सौदा करवाया. मोदीजी व्यक्तिगत रूप से पेरिस गये. व्यक्तिगत रूप से सौदे को बदलवाया गया. पूरा भारत इसे जानता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘रक्षा मंत्री कह रही हैं कि वह इस सौदे के बारे में भारत, शहीदों और उनके परिजनों को विमानों के ऊपर व्यय किये गये धन के बारे में जानकारी नहीं देंगी. इसका क्या अर्थ है? इसका यही अर्थ है कि घोटाला हुआ.’’

आजाद ने भी साधा था निशाना
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने आज इसी मुद्दे पर संवाददाताओं से कहा कि सरकार राफेल विमान का मूल्य संसद में भी खुलासा नहीं करना चाहती जिससे उसकी मंशा पर सन्देह पैदा होता है. उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मोदी सरकार राष्ट्रीय हित एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता करने के माफ नहीं किए जाने वाले खेल में लगी है.

भारतीय वायु सेना के लिए लड़ाकू विमान की खरीद में बड़े घोटाले की बू आ रही है.’’ राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष आजाद ने कहा, ‘‘बड़ी आशंकाएं हैं तथा सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान होने की बात सार्वजनिक स्तर पर ज्ञात है तथा सरकार सत्य बताने से इंकार कर रही है.’’

आजाद ने कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और पार्टी प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य राजीव गौड़ा की उपस्थिति वाले संवाददाता सम्मेलन में कहा कि समय आ गया है कि प्रधानमंत्री को राफेल सौदे पर कांग्रेस द्वारा उठाये गये सवालों का जवाब देना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस सौदे पर सरकार ने पूर्ण एवं सोची समझी चुप्पी साध रखी है.

उन्होंने आरोप लगाया कि विमान के खरीद मूल्य में पूरी तरह से अपारदर्शिता रही, रक्षा खरीद प्रक्रिया के अनिवार्य प्रावधानों का उल्लंघन किया गया और कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति से पूर्व अनुमति नहीं ली गयी. आजाद ने कहा कि सरकार को उन 36 लड़ाकू विमानों के मूल्य का खुलासा करना चाहिए जिनकी प्रधानमंत्री ने अपनी फ्रांस यात्रा के दौरान निर्धारित मूल्यों की अनदेखी कर खरीद की.

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