बजट पर राहुल गांधी का तंज, कहा- ‘शुक्र है कि बस एक साल ही साल बचा है’

0
27

नई दिल्ली : आज गुरुवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट पेश किया. इस बजट पर सरकार जनता को राहत देने की बात कहते हुए अपनी प्रशंसा में कसीदे पढ़ रही है, तो विपक्ष ने बजट की कड़ी आलोचना की है. कांग्रेस की तरफ से बजट पर कुछ देर बाद प्रतिक्रिया आई.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि बजट में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिसकी प्रशंसा की जाए. हर बार की तरह लंबे-चौड़ों वादे और दिखावटी घोषणाओं के सिवाए कुछ नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार के चार साल पूरे हो गए, किसान आज भी अपनी फसलों के उचित दामों के इंतजार में हैं. उन्होंने कहा चार साल बीत गए, लुभावनी घोषणाएं तो हुईं लेकिन बजट से उनका कोई लेनादेना नहीं है. उन्होंने कहा कि इस बजट में खुश होने लायक बस एक ही बात है कि सरकार का अब केवल एक साल ही बचा है.

ट्वीट में कसा तंज
राहुल गांधी ने कहा कि चार साल बीत गए, और देश के नौजवान को आज भी रोजगार की आस है. अपने ट्वीट के अंत में उन्होंने कहा, ‘शुक्र है कि सरकार के केवल एक ही साल शेष हैं.’ राहुल ने कहा कि केंद्र सरकार का बजट हर बार निराश ही करता है. क्योंकि सरकार के पास घोषणओं और वादों के अलावा देने के लिए कुछ नहीं है.

राजस्थान की जीत पर खुशी
एक अन्य ट्वीट में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बजट वाले दिन राजस्थान उपचुनाव के नतीजों ने दिखा दिया है कि बीजेपी सरकार का काउट डाउन शुरू हो चुका है. घोषणाएं सिर्फ हवा में ही झूल कर रह गईं. धरातल पर नहीं आने से देश का आम नागरिक हताश और निराश है. उन्होंने इस चुनावों में कांग्रेस की जीत पर पार्टी कार्यकर्ताओं और राजस्थान की जनता का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि लोग अब बीजेपी से निराश होने लगे हैं.

सहयोगी दल हुए नाराज
केंद्र सरकार के बजट पर खुद सरकार के सहयोगियों ने भी नाराजगी जाहिर की है. सरकार ने जहां इस बजट को सरकार और गरीबों के सपने पूरे करने वाला बताया, वहीं विपक्ष ने इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है. लेकिन इन सबके बीच सरकार के लिए एक संगठन की प्रतिक्रिया चिंता बढ़ाने वाली है. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े संगठन भारतीय मजदूर संघ ने इस बजट पर अपनी निराशा जताई है.

भारतीय मजदूर संघ की ओर से कहा गया है कि वह इस बजट से निराश है और इसके विरोध में शुक्रवार को पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करेगा. आरएसएस के इस संगठन ने ही नहीं बल्कि केंद्र सरकार में साझीदार शिवसेना ने इस पूरे बजट को चुनावी बजट बताया. एनडीए के सहयोगी घटक दल टीएमसी ने भी बजट पर नाराजगी जाहिर की है. केंद्रीय मंत्री वाईएस चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार ने आंध्र प्रदेश की उपेक्षा की है.