अखिलेश यादव ने बताया, बैलेट पेपर और EVM से वोटिंग में क्या है फर्क

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मुंबई: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं. मुंबई में सपा की ओर से आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, ‘दुनिया के कई देशों में बैलेट पेपर से चुनाव होते हैं.  जब हम बैलेट पेपर पर स्टांप लगाते हैं तो वह सरकार के प्रदर्शन पर मुहर लगाते हैं. जब हम ईवीएम से वोट डालते हैं तो मशीन हमारे बदले वोट करता है.’ न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक बीजेपी भारत की सबसे बड़ी जातिवादी पार्टी है. इसने समाज में धर्म और जाति का जहर घोल दिया है, ये लोग देश को गलत रास्ते पर ले जा रहे हैं.

अखिलेश यादव ने कहा कि वे कहते हैं नोटबंदी से भ्रष्टाचार और कालेधन पर रोक लगेगी. मैं कहता हूं कि इससे केवल नोटों का रंग बदल गया है. उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से महाराष्ट्र विकसित राज्य है, लेकिन खुदकुशी की सबसे ज्यादा घटनाएं भी यहीं होते हैं. वे कहते हैं कि उन्होंने किसानों को लोन दिया है, लेकिन मैं पूछता हूं कि महाराष्ट्र में कितने किसानों को लोन मिले हैं.

बजट निराशाजनक और गुमराह करने वाला : अखिलेश
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आम बजट 2018 पर भी अपनी राय रखी. कहा कि इस बार का बजट निराशाजनक और गुमराह करने वाला है. इस बजट से किसानों को घोर निराशा हुई है. उनके साथ बड़ा धोखा हुआ है. उनकी आय दोगुनी होने से तो रही, इस बजट से किसानों को फसल का लागत मूल्य मिलना भी संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि इस बजट से देश की 80 प्रतिशत आबादी का भविष्य अंधकार में धकेल दिया है. कृषि और ग्रामीण क्षेत्र में सुधार की तमाम संभावनाएं भी खत्म कर दी गई है.

अखिलेश ने कहा कि किसान, गरीब, श्रमिक, नौजवान, महिलाएं, छोटे दुकानदार सभी इस बजट से हतप्रभ हैं. वे समझ नहीं पा रहे हैं कि इसमें उनके हित की योजना कहां है ? भाजपा ने बहकाने की राजनीति को नया विस्तार इस तरह दिया है कि किसानों, गरीबों, बेरोजगार, नौजवानों की अंतिम आस भी उनके अंतिम बजट के साथ दम तोड़ गई है.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा चार साल पहले जिन दावों और वादों के बल पर जीतकर केंद्र की सत्ता में आई थी उनको उसने पूरी तरह भुला दिया है. अब उसकी जनविरोधी और पूंजीपतियों की पक्षपाती राजनीति का जनता के बीच खुलासा हो गया है. इस बजट से विकास की दूर-दूर तक कोई सम्भावना नहीं दिखती है.