जम्मू-कश्मीरः शोपियां गोलीबारी को लेकर सियासत तेज, NC-कांग्रेस ने की जांच की मांग

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श्रीनगरः जम्मू कश्मीर के शोपियां में हुई गोलीबारी के विरोध में प्रदर्शन की कोशिश करने वाले जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के चेयरमैन यासीन मलिक को पुलिस ने सोमवार को हिरासत में ले लिया. जम्मू कश्मीर पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि मलिक अपने समर्थकों के साथ बदशाह पुल पर पहुंचे और वहां से उन्होंने लाल चौक की तरफ बढ़ने का प्रयास किया. उन्होंने बताया कि मलिक और उनके समर्थकों को रोक कर उन्हें एहतियातन हिरासत में ले लिया गया. वहीं इस मामले में राज्य की विपक्षी पार्टी कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जांच की मांग की है.

गौरतलब है कि शोपियां के पाहनू इलाके में आंकवादियों के साथ मुठभेड़ में दो आतंकियों सहित छह लोगों की मौत हो गई थी. इस संबंध में सेना ने कहा है कि मरने वाले उग्रवादी और उनके कथित कार्यकर्ता थे.पुलिस ने कहा है कि वह मामले की जांच कर रही है.

कांग्रेस ने की जांच की मांग
जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस ने राज्य के शोपियां में हुई गोलीबारी की घटना की जांच कराने की मांग की है. पार्टी की राज्य इकाई ने इसे दर्दनाक करार देते हुए बयान जारी कर कहा कि आवाम सेना के कथन से संतुष्ट नहीं है. घटना की निंदा करते हुए पार्टी ने कहा कि शोपियां के लोगों का मानना है कि मुठभेड़ मे मारे गए चार लोग निर्दोष थे.

पार्टी प्रवक्ता ने बताया कि निर्दोष लोगों की हत्या को न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता है . उन्होंने आरोप लगाया कि यह हत्या पीडीपी भाजपा गठबंधन कुशासन का परिणाम है . यह गठबंधन राज्य की बदतर होती स्थिति के लिए भी जिम्मेदार है.

नेशनल कांफ्रेंस ने की जांच की मांग
विपक्षी नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) ने जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में हुई फायरिंग की घटना की जांच की मांग करते हुए सोमवारो को कहा कि मृतकों को आतंकवादी संगठनों के लिए खुलकर काम करने वाले लोग करार देकर इन हत्याओं को जायज नहीं ठहराया जा सकता. एनसी के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘कश्मीर में लगातार धड़ल्ले से हो रहे खूनखराबे से हम स्तब्ध और दुखी हैं. मनमाने तरीके से युवाओं को आतंकवादी संगठनों के लिए खुलकर काम करने वाले लोग करार देकर शोपियां में हुई हत्या को सही नहीं ठहराया जा सकता.’’ उन्होंने कहा, ‘‘परिस्थितियों और ब्योरे की जांच कर उसे राज्य सरकार द्वारा सार्वजनिक किया जाना चाहिए.’’