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2019 में EVM की जगह बैलेट पेपर से हो सकते हैं चुनाव, BJP ने दिए ये संकेत

नई दिल्ली : चुनावों में ईवीएम (EVM) की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहते हैं. ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर देश में एक बहस सी छिड़ी हुई है. तमाम दलों को ईवीएम के खिलाफ एकजुट होता देख बीजेपी ने भी इस मामले में नरमाई दिखाई है. बीजेपी ने संकेत दिए हैं कि अगर सभी दलों में सहमति बनती है तो भविष्य में ईवीएम के बजाए बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने पर विचार किया जा सकता है.

राम माधव ने दिए संकेत
बीजेपी के वरिष्ठ नेता राम माधव ने मीडिया को बताया कि कांग्रेस को यह ध्यान रखना चाहिए कि बैलेट पेपर के स्थान पर ईवीएम को सभी दलों की सहमति के बाद ही लाया गया था. उन्होंने कहा कि अगर सभी पार्टियां चाहती हैं कि उन्हें ईवीएम छोड़कर फिर से बैलेट पेपर पर वापस आना चाहिए तो हम इस पर विचार कर सकते हैं.

कांग्रेस लाई ईवीएम के खिलाफ प्रस्ताव
बता दें कि नई दिल्ली में दो दिन चले कांग्रेस के महाअधिवेशन में कांग्रेस ने ईवीएम के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित करते हुए भविष्य में बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग की थी. कांग्रेस ने लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एकसाथ कराए जाने पर भी अपना विरोध दर्ज कराया.

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कांग्रेस ने अपने राजनीतिक प्रस्ताव में चुनाव आयोग से मांग की कि ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहते हैं, इसलिए चुनावों में लोगों की विश्वसनीयता बनी रहे, इसके लिए जरूरी हैं कि चुनावों में फिर से बैलेट पेपर का इस्तेमाल हो.

ईवीएम पर तकरार
पिछले कुछ चुनावों में ईवीएम पर लगातार सवाल उठते रहते हैं. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के बाद कई राजनीतिक दल ईवीएम के खिलाफ एकजुट भी दिखाई दिए. कांग्रेस, सपा, बीएसपी और आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से शिकायत कर ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए. राजनीतिक दलों के बढ़ते दबाव के कारण चुनाव आयोग ने ईवीएम चैलेंज का भी आयोजन किया था. हालांकि इस चैलेंज में कोई भी दल सामने नहीं आया. गुजरात के चुनावों में भी कई नेताओं ने ईवीएम का विरोध किया था. इतना ही नहीं यूपी में लोकसभा उपचुनावों में जीत के बाद भी समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि अगर निष्पक्ष चुनावों की बात करेंगे तो हमें बैलेट पेपर से ही चुनाव कराने होंगे.

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