त्रिपुरा में यह बीजेपी की जीत नहीं बल्कि सीपीएम के अहंकार की हार है: ममता बनर्जी

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने त्रिपुरा में बीजेपी को मिले प्रचंड बहुमत के लिए उसे कोई श्रेय देने से साफ इनकार कर दिया है. त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के शनिवार को आए नतीजे के बाद ममता बनर्जी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि त्रिपुरा में मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की हार हुई है. उन्होंने दावा किया बीजेपी को आगामी 2019 के आम चुनाव में करारी हार मिलेगी.

तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “त्रिपुरा में यह बीजेपी की जीत नहीं है बल्कि माकपा की हार है. उसे अंहकार, अनैतिकता और पूरी तरह आत्मसमर्पण के कारण यह हार देखने को मिली है. उन्होंने (बीजेपी) त्रिपुरा में पानी की तरह पैसा बहाया, ईवीएम के साथ गड़बड़ी की और बाहर से हजारों लोगों को लाए चुनाव के दौरान केंद्रीय बल का उपयोग अपने पक्ष में किया लेकिन माकपा चुप रही.”

उन्होंने कहा कि अगर माकपा ने आत्मसमर्पण नहीं किया होता तो तस्वीर कुछ अलग होती. ममता बनर्जी का यह बयान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की ओर से कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में सरकार बनाने का दावा करने के बाद आया है. शाह ने कहा कि बीजेपी का स्वर्ण युग कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में सरकार बनाने के साथ शुरू होगा और यह तय है कि बीजेपी इन तीनों राज्यों में आने वाले दिनों में सरकार बनाएगी.

उधर, त्रिपुरा में अपनी हार स्वीकार करते हुए मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने बीजेपी पर विधानसभा चुनाव जीतने के लिए धन व बाहुबल का बेजा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. चुनाव परिणाम आने के बाद उन्होंने कहा, “हां, ऐसा हुआ क्योंकि बीजेपी ने बईमानी से बड़े पैमाने पर इकट्ठा किए धन व बाहुबल का इस्तेमाल किया और सभी वाम विरोधी तत्वों को एकजुट करने में कामयाब हो गई.”

येचुरी ने त्रिपुरा के लोगों को चेताया कि चुनाव में बेहिसाब पैसे बहाने वाले इसकी भरपाई के लिए जमकर सरकारी खजाना लूटेंगे और उसमें से आपको कुछ नहीं देंगे, बल्कि आपकी जेब ढीली करने के तरह-तरह के तरीके ढूंगेंगे, जैसा केंद्र में मोदी सरकार कर रही है. बीजेपी के सत्ता में आने का राज्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा.  उन्होंने कहा, “बीजेपी ने बिना किसी मर्यादा के धनबल का इस्तेमाल कर सभी प्रकार की ताकतें यहां झोंक दी. इसके बुरे परिणाम होंगे, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.”

अपने सिलसिलेवार ट्वीट में येचुरी ने कहा, “हम न केवल त्रिपुरा में, बल्कि पूरे देश में बीजेपी और इसके विभाजनकारी एजेंडे का विरोध करना लगातार जारी रखेंगे.”
उन्होंने इससे पहले कहा, “माकपा त्रिपुरा में लोगों के जनादेश स्वीकारती है, जो यहां बीजेपी-आईपीटीएफ गठबंधन की सरकार बनाने के लिए है. यह बदलाव तब हुआ है, जब वाम मोर्चे ने पांच विधानसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज कर 25 वर्षो तक सही मायने में जनता की सेवा की.

उन्होंने कहा, “यह नहीं भूलना चाहिए कि राज्य के 45 प्रतिशत लोगों ने वाम मोर्चा को मत दिया है. हम त्रिपुरा के लोगों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि विपक्ष में रहकर माकपा उनके हित के लिए काम करती रहेगी.”