मध्य प्रदेश: परंपरा के नाम पर इस गांव में होता है ‘खूनी खेल

0
3

उज्जैन: विज्ञान की इतनी तरक्की के बाद भी देश के लगभग हर कोने में दकियानूसी और खतरनाक परंपराएं निभाई जाती हैं. हैरत की बात तो यह है कि जान का खतरा होने के बावजूद भी लोग इन परंपराओं या यूं कहें कि टोने-टोटकों को मानने से परहेज नहीं करते. ऐसी ही एक खतरनाक परंपरा मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के टकवासा गांव में मनाई जाता है.

जोखिम भरा कारनामा
उज्जैन के गांव टकवासा में मन्नत पूरी करने के लिए लोग होली के दिन एक 30 फीट ऊंचे खंभे पर लकड़ी बांधकर रस्सी से लटकते हैं और खंभे की परिक्रमा करते हैं. गांव के लोग बताते हैं कि ये सदियों से चली आ रही परंपरा है और इसमें आज तक कोई जनहानि नहीं हुई. रोंगटे खड़ी कर देने वाली इस खतरनाक परंपरा का वीडियो भी सामने आया है. हैरत की बात तो ये है कि इसमें ना सिर्फ पुरुष बल्कि महिलाएं और बच्चे भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं.
करीब 200 लोग झूलते हैं खंभे से
एक ग्रामीण ने बताया कि खंभे से लटककर परिक्रमा करने के बाद अगर उस व्यक्ति की मनोकामना पूरी हो जाती है तो उसे अगले पांच साल तक होली के दिन ये परंपरा निभानी पड़ती है. महेंद्र नाम के एक ग्रामीण ने बताया कि होली के दिन इसका आयोजन होता है और हर साल करीब 200 अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए खंभे से लटकते हैं.

बच्चे और शादी की मन्नत मांगते हैं लोग
एक ग्रामीण ने बताया कि टकवासा स्थित गल महादेव मंदिर के परिसर में होली के दिन समारोह का आयोजन होता है. इस दौरान एक 30 फीट ऊंचे खंभे पर लकड़ी बांधी जाती है. उस लकड़ी के सहारे मन्नत मांगने वाला व्यक्ति रस्सी के सहारे लटककर खंभे के चारों तरफ घूमता है. यहां लोग मन्नत के तौर पर बच्चा, शादी और घर परिवार में सुख-शांति बनाए रखने की मांग करते हैं.