कोनराड संगमा होंगे मेघालय के नए मुख्यमंत्री, 6 मार्च को लेंगे सीएम पद की शपथ

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शिलांग: मेघालय चुनाव में त्रिशंकु चुनाव परिणाम आने के बाद सरकार बनाने की दौड़ में कांग्रेस को झटका लगा है. एनपीपी अध्यक्ष कोनराड संगमा मेघालय के नए मुख्यमंत्री होंगे. 6 मार्च को सीएम पद की शपथ लेंगे. इससे पहले बीजेपी, एनपीपी और यूडीपी के नेताओं के राज्यपाल गंगा प्रसाद से मुलाकात की और मेघालय में सरकार बनाने का अपना दावा पेश किया. उन्होंने कुल 34 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया.

राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कोरनाड संगमा ने कहा कि अगले दो दिन बहुत महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि विधानसभा का कार्यकाल पूरा हो रहा है. 7 मार्च से पहले विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा. इससे पहले नई सरकार का गठन हो जाएगा. कल शाम तक पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी. उन्होंने आगे कहा कि गठबंधन की सरकार चलाना कभी भी आसान नहीं होता लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि मेरे साथ आने वाले विधायक राज्य के विकास और लोगों के प्रति समर्पित रहेंगे तथा उनके लिए कार्य करेंगे. उधर, कांग्रेस ने मेघालय के राज्यपाल को पत्र सौंपा है जिसमें उसने मुकुल संगमा को विधानसभा का नेता बताया है.

वहीं, बीजेपी नेता हेमंत बिस्व सरमा ने स्पष्ट किया है कि नई सरकार में कोई उपमुख्यमंत्री नहीं होगा. सरकार में शामिल सभी पार्टियों के 2 विधायकों में से 1 विधायक सरकार में शामिल होगा. इस फार्मूले के तहत बीजेपी का एक विधायक सरकार में मंत्री बनेगा.

यूडीपी ने दिया एनपीपी को समर्थन
यूडीपी अध्यक्ष डोनकूपर राय ने एनपीपी को समर्थन देने का ऐलान किया है. राय ने एनपीपी प्रमुख से मुलाकात करके बताया कि पार्टी के रूप में हम उनसे मिले और सरकार गठन के बारे में चर्चा की. हम सबने निर्णय लिया है कि राज्य में गैर-कांग्रेसी सरकार बने. इसी के मद्देनजर हमने निर्णय लिया है कि एनपीपी को कोनराड संगमा के नेतृत्व में सरकार बनाना चाहिए.

गोवा जैसा हुआ कांग्रेस का हश्र
कांग्रेस ने अपने तीन वरिष्ठ नेताओं कमलनाथ, अहमद पटेल और सीपी जोशी को मेघालय में सरकार बनाने का जिम्मा सौंपा है लेकिन नए मुख्यमंत्री का ऐलान होते ही यह स्पष्ट होने लगा है कि उसका हश्र गोवा की तरह हो गया है. मेघालय चुनाव में राज्य की 59 सीटों में से 21 सीटों पर कांग्रेस ने कब्जा किया. बहुमत के लिए पार्टी 10 सीटों से पीछे रह गई है अब ये 10 सीटें पार्टी नहीं जुटा पा रही है. पिछले साल गोवा विधानसभा चुनाव में पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी लेकिन सरकार नहीं बना पाई थी.