चीन में पीएम मोदी के लिए बजा ‘तू है वही’ गाना, अब आशा भोसले ने जताई अपनी ऐसी इच्छा

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नई दिल्ली: चीन यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शी जिनपिंग ने वुहान में प्रोटोकॉल तोड़कर पारंपरिक तरीके से स्वागत किया. स्वागत समारोह के बाद पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने औपचारिक वार्ता की और शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया. शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद शी जिनपिंग ने प्रधानमंत्री मोदी को चीनी परंपराओं से अवगत कराया. पहले उन्हें ढोल और घंटिया दिखाई और फिर चीनी कलाकारों द्वारा एक खास प्रस्तुति पेश की गई. इस खास प्रस्तुति में चीनी कलाकारों ने वाद्ययंत्रों से 1982 का बॉलीवुड का मशहूर गाना, ‘तू, तू है वही दिल ने जिसे अपना कहा’ बजाया. बता दें, यह गाना मशहूर प्लेबैक सिंगर आशा भोसले ने गाया था.

अब आशा भोसले ने एक ट्वीट करके कहा, ‘पंचम अपने म्यूजिक की लोकप्रियता चीन तक सुनकर खुश होंगे, उम्मीद है उनकी प्रतिभा को उस देश में भी ऑफिशल पहचान मिलेगी, जहां वह पैदा हुए’

वहीं, न्यूज एजेंसी ANI से आशा भोसले ने कहा, ‘मैं खुश होने के साथ हैरान भी हूं कि मेरा गाना ऐसे लोगों ने पसंद किया जिन्हें हमारी भाषा भी नहीं आती। इतने सारे लोकप्रिय हिंदी गीतों में चीन में प्रधानमंत्री के लिए ‘तू है वही दिल ने जिसे अपना कहा’ चुना गया। मैं यह जरूर जानना चाहूंगी कि पीएम मोदी को उस वक्त कैसा लगा?’

गौरतलब है कि यह गाना ‘ये वादा रहा’ फिल्म का है और इस फिल्म में ऋषि कपूर और पूनम ढिल्लन मुख्य भूमिकाओं में थे. अब ऋषि कपूर ने भी इस बात पर खुशी जताई है और ट्वीट किया है.

गौरतलब है कि चीनी कलाकारों की इस प्रस्तुति के दौरान पीएम मोदी के चेहरे पर एक अलग सी खुशी दिखाई दे रही थी. न्यूज एजेंसी ANI पर जारी किए गए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब चीनी कलाकार शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रस्तुति दे रहे हैं, उस वक्त दोनों नेता मुस्कुरा रहे हैं. पीएम मोदी की चीन यात्रा के पहले दिन शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इसे खास बताया. उन्होंने कहा, ‘यह वसंत का मौका है और इस मौसम में जो भी रिश्ते बनते हैं वह पवित्र माने जाते हैं.’

चीन यात्रा पर गए पीएम मोदी ने शी जिनपिंग को एक खास तोहफा दिय़ा है. जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी ने जिनपिंग को एक प्रसिद्ध चीनी चित्रकार की दो कलाकृतियों की प्रतिलिपियां भेंट कीं जिन्हें उसने पश्चिम बंगाल में विश्वभारती विश्वविद्यालय में 1939-40 में ठहरने दौरान बनाई थी. मोदी ने यहां अनौपचारिक शिखर वार्ता के दौरान शी को शू बीहोंग की कलाकृतियों की प्रतिलिपियां दीं.

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