वाराणसी हादसा: बेटे के इलाज के लिए गए थे अस्पताल, खबर आई कि अब कोई नहीं बचा

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नई दिल्ली/वाराणसी: वाराणसी हादसे से पूरा देश सदमे में हैं. इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां गम में तब्दील कर दीं, लेकिन गाजीपुर के सहेड़ी गांव में एक परिवार पर तो ये हादसा जन्मों तक ना भूलने वाला जख्म दे गया है. परिवार को क्या पता था, कि मंगलवार को सुबह घर से निकले बाप-बेटे आज के बाद कभी नहीं लौटेंगे. खुशहाल राम का परिवार आज ‘दुखी’ हाल में है. गांव में मातम पसरा है, हर किसी की आंखे नम है. खुशहाल अपने दो बेटे और ड्राइवर के साथ अस्पताल गए थे. हादसे में चारों की मौके पर ही मौत हो गई.

बेटे के इलाज के गए थे अस्पताल
नंदगंज थाना क्षेत्र के खुशहाल राम अपने बेटे के इलाज के लिये वाराणसी गए थे. बेटा कैंसर का मरीज है और वाराणसी में उसका इलाज चल रहा है. मंगलवार को भी कीमोथेरेपी के लिए खुशहाल अपने दोनों बेटों के साथ वाराणसी गए थे. अस्पताल से वापस घर लौटते समय ये हादसा हो गया.

Father and his two son died in Varanasi flyover collapses

परिवार पर टूटा कहर
खुशहाल राम के घर में मातम का पसरा है. परिवार पर ये हादसा ऐसा कहर बनकर टूटा है. दोनों बेटे शिववचन राम और संजय राम हादसे का शिकार हो गए. परिवार में हर किसी का रो-रोकर कर बुरा हाल है. हर कोई उस पल को कोस रहा है, जिस वक्त ये दर्दनाक हादसा हुआ है.

ड्राइवर के घर में मचा कोहराम
जिस गाड़ी में खुशीराम अपने बेटों के साथ जा रहे थे, उस गाड़ी को चलाने वाला ड्राइवर संजय अपने परिवार का अकेला गुजर बसर करता था. संजय की पत्नी और 10 साल की बच्चे का रो-रोकर बुरा हाल है. मृतक ड्राइवर की पत्नी, बेटा और साथ ही पूरा परिवार घटना के लिए प्रशासन को ही दोषी मान रहा है.

दोषियों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई
हादसे के बाद दोनों परिवार परेशान है. दोनों परिवार की एक ही मां है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होने चाहिए. हालांकि, मुख्यमंत्री ने भी 48 घंटे में जांच रिपोर्ट तलब की है. लेकिन सवाल ये है कि कार्रवाई क्या होगी? महज निलंबन और जांच से सब ठहर जाएगा?

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