पानी की एक-एक बूंद को तरस रहा है छत्तीसगढ़ का गांव ‘झीरम’

0
66

नई दिल्ली/बस्तर: आजादी के 70 साल बाद भी देश के कई हिस्सों में मूलभूत सुविधाओं की कमी से जनता को दो-चार होना पड़ता है. इन इलाकों में विकास सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गया है. किसी भी जगह के विकास के लिए मूलभूत सुविधा सड़क, बिजली, पानी व शिक्षा को माना जाता है. इन सबमें भी सबसे जरूरी है पानी. इसका अर्थ समझने के लिए रहीम जी का एक दोहा बहुत है कि रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून. पानी के बिना एक दिन का जीवन भी मुश्किल लगता है. वहीं छत्तीसगढ़ के झीरम गांव में लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से महरूम हैं. कहने को तो यहां एनएच 30 के रूप में चौड़ी सड़कें हैं, लेकिन ये गांव जल संकट से घिरा हुआ है. झीरम गांव में जल संकट इस कदर हावी है कि लोगों को दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रदूषित पानी का उपभोग और उपयोग करना पड़ता है.

गंदा पानी पीने को मजबूर हैं ग्रामीण
सरकार के दावों को झुठलाती ये तस्वीरें दिखाती हैं कि झीरम गांव में विकास केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है. सूरज अपनी प्रचंडता से तापमान को रोज ही बढ़ा रहा है, वहीं इस गांव के लोग पीने के पानी के लिए कई किमी पैदल चलकर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का कहना है कि पीने के पानी की तलाश में उन्हें गंदे नाले के पास गड्ढा खोदकर या पेड़ के झरिया में से पानी उपयोग करना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि पानी की उपलब्धता न होने के कारण सभी गांव वाले गंदा पानी पीने और दैनिक कार्यों में उपयोग करने को मजबूर हैं.

Chhattisgarh : Locals Of Jheeram Forced to drink dirty water Due To Thirst

पानी नहीं सरकार ने बनवा दिए शौचालय 
ग्रामीणों ने बताया कि यहां पानी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. लंबे समय से सभी गांव वाले कई किमी दूर से पानी लाते हैं. उन्होंने बताया कि यहां सरकार द्वारा कोई भी सुविधा नहीं दी गई है. ग्रामीणों ने बताया कि सरकार ने गांव में शौचालय तो बनवा दिए हैं, लेकिन पानी न होने के कारण शौचालयों का उपयोग भी नहीं किया जा सकता है. आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों से पानी की कमी से संबंधित कई घटनाओं की सूचना आए दिन सामने आती रहती है.

Chhattisgarh : Locals Of Jheeram Forced to drink dirty water Due To Thirst

योजनाएं कागजों में सिमटीं
झीरम गांव सड़क के ठीक किनारे बसा हैं. ग्रामीणों ने बताया कि यहां स्कूल तो हैं, लेकिन शिक्षक नही आता है. उन्होंने बताया कि गांव में अभी तक बिजली भी नहीं पहुंची है. 25 परिवारों के इस गांव में किसी को अभी तक आवास योजना का भी लाभ नहीं मिला है. इस गांव में लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं. वहीं देश में कई जगह पानी के दुरुपयोग की खबरें भी आम हैं. लोगों को समझना चाहिए कि पानी के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है. पानी का कोई विकल्प नहीं है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here