चमक रही है भारत की अर्थव्यवस्था, चौथे तिमाही में जीडीपी दर 7.7 फीसदी

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नई दिल्ली : विनिर्माण क्षेत्र में गतिविधियों के पटरी पर लौटने और निवेश बढ़ने से उत्साहित सरकार ने मौजूदा वित्तवर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहने के अपने अनुमान को कायम रखा है. इसके साथ ही पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर पिछली सात तिमाहियों में सर्वाधिक 7.7 प्रतिशत पर पहुंच गई जबकि 2017- 18 में इसकी रफ्तार कुछ धीमी पड़कर 6.7 प्रतिशत रही. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी-मार्च 2018 में देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही जो कि सात तिमाहियों में सबसे ऊंची है. इससे भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बने रहने में मदद मिली है.

हालांकि, 2017- 18 पूरे वर्ष की यदि बात करें तो इस दौरान अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही जो कि चार साल में सबसे कम रही है. इससे पिछले साल 2016- 17 में आर्थिक वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रही थी. इससे पहले 2013- 14 में आर्थिक वृद्धि 6.4 प्रतिशत रही थी.

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर के आंकड़े से पता चलता है कि अर्थव्यवस्था भविष्य में ऊंची वृद्धि दर पाने के लिए सही राह पर बढ़ रही है. जनवरी-मार्च की तिमाही में चीन की वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रही है. गोयल ने ट्वीट किया, ‘प्रत्येक तिमाही के साथ जीडीपी वृद्धि दर लगातार बढ़ रही है. वर्ष 2017-18 की चौथीतिमाही में 7.7 प्रतिशत वृद्धि दर से पता चलता है कि यह भविष्य में और ऊंची वृद्धि दर हासिल करने की राह पर है. यह प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सही विकास है.’

आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने चौथीतिमाही के वृद्धि आंकड़े आने के बाद कहा कि जीडीपी के ताजा आंकड़े विनिर्माण व निर्माण गतिविधियों में कायापलट का संकेत है. साथ ही इससे निजी निवेश के जोर पकड़ने का भी संकेत मिलता है.

उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि हम मौजूदा वित्त वर्ष 2018-19 के लिए अपने 7.5 प्रतिशत वृद्धि के अनुमान में कोई बदलाव कर रहे हैं. फिलहाल हम इसे इसी स्तर पर रखेंगे. तेल की कीमतों को ध्यान में रखते हुए मूडीज व अन्य ने कुछ कमी की है लेकिन कच्चे तेल की कीमतों और जीडीपी वृद्धि में कोई संबंध नहीं है.’ अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विसेज ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर के अपने अनुमान को घटाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया. पहले एजेंसी ने 7.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया था.

वित्त सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि जीडीपी वृद्धि के त्रैमासिक आंकड़ों में लगातार बढोतरी इस बात का संकेत है कि सरकार द्वारा उठाए गए ढांचागत बदलावों का फायदा अब ऊंची जीडीपी वृद्धि के रूप में मिल रहा है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, ‘2011-12 के स्थिर मूल्यों के आधार पर 2017-18 की चौथीतिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही. यह दर 2017-18 की पहली तीन तिमाहियों में क्रमश: 5.6, 6.3 तथा 7 प्रतिशत रही थी.’ अधिया ने लगातार आखिरी दोतिमाहियों में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर क्रमश : 8.5 तथा 9.1 प्रतिशत रहने का जिक्र करते हुए कहा है, ‘हमें उम्मीद है कि जीएसटी ने औद्योगिक क्षेत्र को बड़ा बल दिया है.’

शाह ने सरकार की सराहना की
बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने बीते वित्त वर्ष की चौथीतिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रहने का स्वागत करते हुए नरेंद्र मोदी सरकार की सराहना की है. शाह ने ट्वीट किया, ‘मैं प्रधानमंत्री मोदी और उनके मंत्रिमंडल को देश को ऊंची वृद्धि की राह पर बनाये रखने के लिए बधाई देता हूं. चौथीतिमाही में वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही है जबकि इससे पिछली तिमाही में यह 7 प्रतिशत थी. कृषि, विनिर्माण और निर्माण जैसे सभी क्षेत्रों में अच्छी वृद्धि दर्ज हुई है.’

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