मुर्गियों के खाने में हो गई ‘बड़ी गलती’, बाजार से हटाने पड़े 40 लाख अंडे

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वारसा: पोलैंड की पशुचिकित्सा सेवा ने करीब 40 लाख अंडों को बाजार से हटा लिया है. ये अंडे एक एंटीबायोटिक से दूषित हैं. इससे एक दिन पहले जर्मनी के सुपरमार्केट से भी अंडों को बाजार से हटा लिया गया था. अधिकारियों ने शुक्रवार (15 जून) को निरीक्षण के बाद घरेलू बाजार में बिक्री के लिए रखे गए अंडों को हटाने का आदेश दिया था. एक बयान में बताया गया, “इन अंडों को बाजार से इसलिए हटा लिया गया क्योंकि इनमें एंटीबायोटिक लासालोसिड के अवशेषों की मौजूदगी अधिकतम स्वीकृत मात्रा से बहुत ज्यादा है.’’

पोलैंड पशुचिकित्सा सेवा के प्रमुख पॉवेल नेमजुक ने बताया कि यह दवा ‘गलती’ से अंडे देने वाली मुर्गियों के खाने में मिला दी गई थी. उन्होंने पोलैंड की समाचार एजेंसी पीएपी को बताया, “चिकन को मोटा करने के लिए दिया जाने वाला खाना गलती से अंडे देने वाली मुर्गियों को दे दिया गया.”

मंगलवार (12 जून) को जर्मनी के अधिकारियों ने करीब 73,000 डच अंडों को सुपरमार्केट से हटा लिया था, जिनके फिप्रोनिल से दूषित होने की बात सामने आई थी. इसी कीटनाशक के चलते पिछले साल खाद्य सामग्रियों को लेकर लोगों में काफी डर बैठ गया था.

लोअर सेक्सोनी के कृषि मंत्रालय ने कहा कि ये दूषित अंडे नीदरलैंड के एक जैविक फार्म से आए हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि इससे सेहत को किसी तरह का नुकसान नहीं है. इस वाकये ने पिछले साल के फिप्रोनिल घोटाले की याद दिला दी जहां इससे दूषित लाखों अंडों को 45 देशों में नष्ट कर दिया गया.

फिप्रोनिल का इस्तेमाल आम तौर पर जानवरों से जू , पिस्सू आदि को हटाने के लिए किया जाता है. इस दवा को खाद्य उद्योग में इस्तेमाल करने से प्रतिबंधित किया गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) फिप्रोनिल की ज्यादा मात्रा से लोगों के गुर्दे, यकृत और थाइरॉयड ग्रंथि पर असर पड़ता है.

 

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