अखबार से नाराज था अमेरिकी हमलावर, एडिटर ने कहा- घटना से ‘तबाह, उदास और स्तब्ध” हूं

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वॉशिंगटन: अमेरिका के अनापोलिस में एक अखबार से लंबे समय से नाराज एक अमेरिकी ने शुक्रवार(29 जून) को बंदूक और स्मोक ग्रेनेड से समाचारपत्र के दफ्तर पर हमला कर दिया जिससे पांच लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गये.  पुलिस ने इसे लक्षित हमला करार दिया है. अनापोलिस में कैपिटल गजट अखबार के दफ्तर पर हुए इस हमले को अमेरिका में पिछले कुछ दशकों में मीडिया पर हुए सबसे भयावह हमलों में से एक बताया जा रहा है.  अनापोलिस वॉशिंगटन से करीब 50 किलोमीटर दूर है. हमलावर की पहचान 38 वर्षीय रामोस के तौर पर की गयी है जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है.

रामोस ने 2012 में इस अखबार के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था
रामोस ने 2012 में इस अखबार के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. अदालती रिकार्ड से यह बात सामने आयी है. एने अरुंदेल काउंटी के पुलिस उपप्रमुख बिल क्राम्फ ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ यह कैपिटल गजट पर एक लक्षित हमला था.  हमलावर आज पूरी तरह तैयार होकर आया था.  वह लोगों को मारने की तैयारी के साथ आया था.  उसकी मंशा लोगों को नुकसान पहुंचाने की थी. ’’ पुलिस ने बताया कि मारे गये लोग अखबार के सहायक संपादक रॉब हियासेन, संपादकीय पृष्ठ संपादक जिराल्ड फिशमैन, संपादक एवं संवाददाता जॉन मैकनमारा, विशेष प्रकाशन संपादक वेंडी विंटर्स और बिक्री सहायक रेबेका स्मिथ हैं.

‘वॉशिंगटन पोस्ट’ अखबार के अनुसार रामोस 2011 में अखबार में प्रकाशित हुए एक स्तंभ को लेकर उसके खिलाफ मानहानि के एक मामले को हार गया था. उसका कहना था कि इस लेख से उसकी मानहानि हुई थी. वॉशिंगटन पोस्ट में कहा गया है, ‘‘इस स्तंभ में सोशल मीडिया पर एक महिला का परेशान करने के संबंध में रामोस की स्वीकारोक्ति के संदर्भ में था. ’’

रामोस के घटनास्थल पर ही हिरासत में ले लिया गया
रामोस के घटनास्थल पर ही हिरासत में ले लिया गया. कैपिटल गजट के संपादक जिम्मी डिबट्स ने ट्वीट किया कि इस घटना से वह “तबाह, उदास और स्तब्ध” हैं. उन्होंने लिखा, “मैं कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं हूं, बस इतना जानता हूं कि कैपिटल गजट समाचारपत्र के संवाददाता और संपादक हर दिन अपना सबकुछ इस अखबार के नाम कर देते हैं.

गोलीबारी की यह घटना वर्जीनिया की 2015 की उस घटना की याद दिलाती है 
यहां हफ्ते में केवल 40 घंटे काम नहीं करना होता, न मोटी तनख्वाह मिलती है- बस हमारे समाज की कहानियां बताने का जुनून होता है. ” गोलीबारी की यह घटना वर्जीनिया की 2015 की उस घटना की याद दिलाती है जिसमें एक स्थानीय टेलीविजन पर सीधे प्रसारण के दौरान दो पत्रकारों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के शिकार लोगों के साथ संवेदनाएं प्रकट करते हुए कहा, ‘‘पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ मेरी दुआएं हैं.  मौके पर फौरन पहुंचे सभी लोगों का शुक्रिया.’’

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