अद्भुत है मां फलौदी का यह मंदिर, होती है भक्तों की हर मुराद पूरी

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कोटा: मां फलौदी यानी फल देने वाली मां. कोटा जिले के खैराबाद कस्बे में स्थित मां फलौदी माता मंदिर का वैभव अपने आप में निराला है. मान्यता है कि यहां आने वाले हर भक्त की मुराद पूरी होती है. यही करण है कि यहां राजस्थान से ही नहीं बल्कि देश के कई राज्यों से बडी संख्या में श्रद्धालु मां फलौदी के दर्शन के लिए आते है. देश के कई हिस्सो में अपनी अलग पहचान रखने वाला मां फलौदी माता के मंदिर में मेड़तवाल समाज की अधिक आस्था है. माता का यह मन्दिर काफी सालों पहले बना था. उस समय मन्दिर काफी छोटा था. धीरे धीरे लोगों ने मन्दिर का विस्तार किया और आज मंदिर की भव्यता देखते ही बनती है. मेड़तवाल समाज के सभी मांगलिक कार्य मन्दिर में ही किये जाते है.

मंदिर की खासियत यह भी है कि यहा कुंभ मेले की तरह प्रत्येक बारह साल में मेले का आयोजन होता है. मेले के दौरान एक पूरा गांव यहां बसता है. यहां तक की मेले में दुनियां के हर कोने में रहने वाले मेड़तवाल समाज के लोग परिवार सहित पहुंचते है और यहां बने अस्थाई आवासों में रहते है. मेले के दौरान यहां सैकडों शादी ब्याह के रिश्ते भी तय किए जाते है. हालांकि की बसन्त पंचमी पर भी यहां हर साल मेला लगता है. इन सब के साथ मन्दिर इलाके में  साम्प्रदायिक सद्भाव का सूचक भी है. बता दें कि मंदिर के चारो ओर मस्जिद बनी हुई है, मस्जिदों से जब अजान की आवाज़ गूंजती है तो मन्दिर से आरती की आवाज सुनाई देती है. अजान और आरती की आवाज से माहौल में एक अलग ही मिठास घुल जाती है.

मान्यता है कि मन्दिर में लगे नीम के पेड़ में रात्रि में सभी देवताओ का निवास होता है. सुबह जो भी इस पेड़ के समीप आकर माता से कुछ मांगता है. उसकी मन्नत जरूर पूरी होती है. मंदिर को लेकर यह भी मान्यता है कि नवरात्र में 9 दिन देवी अलौकिक रूप से मंदिर प्रांगण में विचरण करती है. मान्यता के अनुसार जो भी श्रद्धालु नवरात्र में मंदिर में 108 परिक्रमा लगाता है मां उनके सभी मनोरथ पूर्ण करती है. मन्दिर पर आस्था रखने वाले लोगों में निसंतान दम्पतियों की तादाद भी काफी अधिक है. मान्यता है कि यहां आने वाले निसंतान दम्पतियों की माता गोद भरती है और उन्हें संतान प्राप्ति का सुख देती है.

मन्दिर से जुडे लोगों की माने तो ऐसे कई मामले है जिनमें निसंतान दम्पतियों की गोद माता ने भरी है. मंदिर की मान्यता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि यहां बड़ी संख्या में राजनेता अधिकारी और विदेशी सैलानी भी आते है. यहं तक की रात में आए श्रद्धालुओं के रुकने के लिए मन्दिर में कमरे भी बनाए गए हैं जो आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं.

 

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