छत्तीसगढ़ः डेंगू से 11 लोगों की मौत, हटाए गए दुर्ग सीएमएचओ

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नई दिल्लीः छत्तीसगढ़ के भिलाई में डेंगू का प्रकोप है कि थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. जिले में कुछ ही दिनों में डेंगू के चलते 11 लोगों की मौत हो गई. जिसके बाद अब जिला प्रशासन भी एक्शन में आ गई है. जिल के खुर्शीपारा में लगातार बढ़ रहे डेंगू के मरीजों को लेकर जिला प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं. डेंगू से लगातार हुई 11वीं मौत के बाद भिलाई सीएमएचओ को डॉ. सुभाष पांडे का भी तबादला कर दिया गया है. वहीं छत्तीसगढ इकाई के पीसीसी चीफ भूपेश बघेल भिलाई में डेंगू के चलते हुई 11वीं मौत के बाद भिलाई के लाल बहादुर शासकीय अस्पताल पहुंचे थे. जहां उन्होंने डेंगू पीड़ित मरीजों का हाल-चाल जाना और अस्पताल का भी निरीक्षण किया.

31 जुलाई से लगातार भिलाई में डेंगू का डंक जारी है
अस्पताल निरीक्षण और मरीजों से बात करने के बाद पीसीसी चीफ ने जिला प्रशासन और कलेक्टर को जमकर कोसा और कलेक्टर के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज कराने की बात कह दी. और तो और बघेल ने भिलाई नगर के विधायक और राजस्वमंत्री को बेचारा और लाचार कहते हुए डेंगू को लेकर सवाल भी किये. इस दौरान भूपेश बघेल के साथ स्थानीय जन प्रतिनिधि भी थे. आपको बता दें कि 31 जुलाई से लगातार भिलाई में डेंगू का डंक जारी है और अब तक 9 मासूमो और 2 लोगो को डेंगू मौत की नींद सुला चुका है. भूपेश ने कहा कि जहां एक और स्वस्थ और स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है तो वहीं जिला अस्पताल की हालत बत से बत्तर है.

CHMO का तबादला बड़ी बात नहीं
11 लोगों की मौत के बाद जिला प्रसाशन ने भी मैराथन बैठक की और स्वास्थ्य सचिवअजय सिंह ने दौरा किया और तत्काल एक्शन लेते हुए CHMO का तबादला तक कर दिया. भूपेश ने कहा कि इसमें CHMO का तबादला करना कोई बड़ी बात नहीं है. असल में जिम्मेदार और दोषी तो कलेक्टर है. जिनके खिलाफ पुलिस में शिकायत की जानी चाहिए. जिला कलेक्टर मंत्री की नही सुनते उनकी हालत तो बेचारे जैसी है ये मुखयमंत्री, सरोज पांडे और प्रेमप्रकाश पांडे के बीच कलह का ही कारण है जिसके चलते जिला कलेक्टर उमेश अग्रवाल उन्हें अनदेखा कर देते हैं.

जिला कलेक्टर पर FIR होनी चाहिए
अगर कलेक्टर ने उनकी बात सुनी होती तो आज जिले में डेंगू पैर नही पसारा होता. वहीं जो 11 मौते हुई हैं ये निरंकुश प्रशासन का एक बड़ा कारण है पूरा प्रशासन मोबाइल तिहार में व्यस्त था और डेंगू को नियंत्रण करने में एक बड़ी विफलता भी यही एक वजह है इसके लिए जिला कलेक्टर सीधे दोषी हैं और उन पर FIR दर्ज होना चाहिए.

 

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