सतनाः अस्पताल में इलाज न मिलने के कारण 10 महीने के बच्चे की मौत

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नई दिल्लीः सतना का जिला अस्पताल हमेशा ही अपनी अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चाओं में बना रहता है. ऐसे में अब एक बार फिर सतना के जिला अस्पताल की बड़ी लापहरवाही सामने आई है. मामला जिला अस्पताल के ओपीडी का है, जहां एक महिला अपने दस माह के बच्चे को तेज बुखार होने के कारण इलाज कराने के लिए डॉक्टर के पास लेकर गई, लेकिन डॉ ने बच्चे का इलाज तो दूर उसका इलाज करने के लिए भी मना कर दिया. डॉक्टर ने पहले तो महिला से पर्ची कटवाने की बात कही, लेकिन जब महिला तीन घंटे इंतजार करने के बाद पर्ची कटवाकर आई तो महिला को फिर बच्चे के इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा.

दर्जनों मरीज ओपीडी के सामने लाइन लगाकर खड़े थे
घंटों इंतजार करने के बाद महिला जब बच्चे को लेकर डॉक्टर के पास पहुंचती इलाज के आभाव में बच्चे की मौत हो चुकी थी. बता दें ओपीडी के सामने सिर्फ यह महिला ही नहीं बल्की दर्जनों मरीज परेशान हालत में अस्पताल प्रबंधन की इन लापरवाहियों से जूझ रहे थे. वहीं बच्चे की इलाज के आभाव में हुई मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन भी सकते में है. बता दें महिला सिविल लाइन थाना अंतर्गत भाद गांव से अपने बच्चे को इलाज के लिए लेकर आई थी, लेकिन डॉक्टर्स की लापरवाही के चलते उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई. वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है.

पर्ची कटवाने के बाद भी नहीं किया जाता इलाज
आपको बता दें कि जिला अस्पताल में यह कोई पहली घटना नहीं है जब किसी को इलाज के आभाव में अपनी जान गंवानी पड़ी हो. जिला अस्पताल में जब भी कोई गंभीर मरीज डॉक्टर के पास इलाज के लिए जाता है, तब मरीज को पर्ची कटवाने के लिए बोल दिया जाता है, लेकिन इलाज नहीं किया जाता. इस प्रकार से जिला अस्पताल की लापरवाही सामने आ रही हैं जहां बच्चे को इलाज न मिलने से एक मां की कोख सूनी हो गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन इस मामले पर अपना पल्ला झाड़ रहा है. इस बारे में जिला अस्पताल प्रबंधन सिविल सर्जन ने जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया है. साथ ही अस्पताल के स्टाफ ने भी इस मामले पर चुप्पी साध रखी है.

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