राजस्थान सरकार ने केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए बढ़ाया हाथ, भेजी 3 ट्रक दवाइयां

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जयपुर: राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि केरल में आई बाढ़ से हुए नुकसान एवं बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार हर सभंव सहायता देने को तैयार है. राजे ने केरल के बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए आवश्यक दवाईयों के तीन ट्रक रवाना किए.  करीब 1 करोड़ 72 लाख रूपये की लागत की दस्त, उल्टी, बुखार और दर्द के उपचार की ये दवाएं नई दिल्ली भेजी गयी हैं, जिन्हें हवाई जहाज के माध्यम से तिरूवनन्तपुरम भिजवाया जाएगा. राजे ने कहा कि कहा कि इन दवाओं के साथ राज्य सरकार के स्वास्थ्य अधिकारी भी केरल जा रहे हैं, जो इनका जरूरतमंदों को समय पर वितरण सुनिश्चित करेंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार और यहां की जनता संकट की इस घड़ी में केरलवासियों के साथ है.  उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी और अधिकारी अपने संगठनों के माध्यम से अपने वेतन का हिस्सा बाढ़ पीड़ितों की सहायतार्थ भिजवा रहे हैं.

केरल की बाढ़ राष्ट्रीय आपदा नहीं बल्कि ‘गंभीर प्रकृति की आपदा’ घोषित
केंद्र सरकार ने केरल की विनाशकारी बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं करके ‘गंभीर प्रकृति की आपदा’ घोषित किया है. राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सोमवार को एक बयान में कहा कि केरल में बाढ़ की तीव्रता व परिमाण को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने इसे गंभीर प्रकृति की आपदा घोषित किया है.

जयपुर: राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि केरल में आई बाढ़ से हुए नुकसान एवं बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार हर सभंव सहायता देने को तैयार है. राजे ने केरल के बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए आवश्यक दवाईयों के तीन ट्रक रवाना किए.  करीब 1 करोड़ 72 लाख रूपये की लागत की दस्त, उल्टी, बुखार और दर्द के उपचार की ये दवाएं नई दिल्ली भेजी गयी हैं, जिन्हें हवाई जहाज के माध्यम से तिरूवनन्तपुरम भिजवाया जाएगा. राजे ने कहा कि कहा कि इन दवाओं के साथ राज्य सरकार के स्वास्थ्य अधिकारी भी केरल जा रहे हैं, जो इनका जरूरतमंदों को समय पर वितरण सुनिश्चित करेंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार और यहां की जनता संकट की इस घड़ी में केरलवासियों के साथ है.  उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी और अधिकारी अपने संगठनों के माध्यम से अपने वेतन का हिस्सा बाढ़ पीड़ितों की सहायतार्थ भिजवा रहे हैं.

केरल की बाढ़ राष्ट्रीय आपदा नहीं बल्कि ‘गंभीर प्रकृति की आपदा’ घोषित
केंद्र सरकार ने केरल की विनाशकारी बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं करके ‘गंभीर प्रकृति की आपदा’ घोषित किया है. राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सोमवार को एक बयान में कहा कि केरल में बाढ़ की तीव्रता व परिमाण को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने इसे गंभीर प्रकृति की आपदा घोषित किया है.

 

केरल में आई बाढ़ और भूस्खलन की प्रबलता को देखते हुए यह सभी व्यवहारिक उद्देश्यों के लिए गंभीर प्रकृति की एक आपदा है. केरल सदी की सबसे भयावह बाढ़ का सामना कर रहा है, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग विस्थापित व बेघर हो गए हैं. केरल में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन में कम से कम 216 लोगों की मौत हुई है जबकि 7. 24 लाख विस्थापित लोगों ने 5,645 राहत शिविरों में शरण ले रखी है. नायडू व महाजन ने कहा है कि उन्होंने अपने एक महीने का वेतन केरल में राहत व पुनर्वास के लिए दान करने का फैसला किया है और उन्होंने सभी सांसदों से भी एक महीने का वेतन दान करने की अपील की है.

नायडू व महाजन ने यह भी कहा कि सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) के तहत एक सांसद देश के किसी भी हिस्से में गंभीर प्रकृति की आपदा में प्रभावित जिले के लिए अधिकतम एक करोड़ रुपये के कार्य की सिफारिश कर सकता है.

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