ZEE जानकारीः भारत में 50 प्रतिशत Lung Cancer के मरीज़….Non-Smoker हैं

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आपके जन्मसिद्ध अधिकार के बाद अब आपकी सेहत की बात करते हैं. अगर आप धूम्रपान नहीं करते हैं और आपको लगता है कि आपको कभी फेफड़ों का कैंसर नहीं हो सकता, तो ये आपकी बहुत बड़ी गलतफहमी हैं. फेफड़ों के Cancer पर हुई एक नई स्टडी के मुताबिक ये बीमारी अब उन लोगों को बहुत तेज़ी से शिकार बना रही है, जो सिगरेट नहीं पीते. आपके आस-पास की हवा इतनी ज़हरीली हो चुकी है कि उसमें सांस लेना, हर रोज़ 7 सिगरेट पीने के बराबर है. कैंसर का ये कांटा भारत के शहरों में रहने वाले हर इंसान की सांसों में अटका हुआ है.

एक स्टडी के मुताबिक भारत में 50 प्रतिशत Lung Cancer के मरीज़….Non-Smoker यानी सिगरेट न पीने वाले लोग हैं . हैरानी की बात ये है कि इनमें से 30 प्रतिशत मरीज़ इस बीमारी की शुरूआत में TB यानी tuberculosis का इलाज करवाते हैं . क्योंकि सिगरेट न पीने की वजह से उन्हें Lung Cancer का ख़तरा महसूस नहीं होता है . जब इन मरीज़ों को इस कैंसर के बारे में पता चलता है तो वो अपने डॉक्टर से सबसे पहले यही पूछते हैं कि सिगरेट न पीने के बाद भी ये बीमारी कैसे हो गई . IIT दिल्ली और IIT कानपुर की एक स्टडी के मुताबिक जिन लोगों के घर सड़क के आसपास होते हैं उनमें इस बीमारी का ख़तरा बढ़ जाता है .

सड़क पर गुज़रते वाहनों की वजह से यहां रहने वाले लोगों की सांसों में लगातार Chromium और Nickel जैसे ज़हरीले पदार्थ मिल जाते हैं जिससे ECR यानी Excess Cancer Risk बढ़ जाता है . इसके अलावा गाड़ियों के धुएं के साथ निकलने वाले Nitrogen oxides और सड़क की धूल में मिले हुए Iron और Zinc जैसे पदार्थ.. फेफड़ों के कैंसर का कारण बन जाते हैं . दुख की बात ये हैं कि इस समस्या को रोकने का उपाय हमारे सिस्टम के पास नहीं है
भारत में हर साल Lung Cancer के 60 हज़ार नए मामले सामने आते हैं . इनमें से 50 प्रतिशत मामलों में कैंसर की वजह है आसपास का प्रदूषण.

उदाहरण के तौर पर दिल्ली की हवा में फैले प्रदूषण में सांस लेने का मतलब है हर रोज़ 7 सिगरेट पीना . सर्दियों के मौसम में दिल्ली में Air Quality Index…360 से ऊपर पहुंचना एक सामान्य बात है . इस ज़हरीली हवा में सांस लेना 20 से 25 सिगरेट पीने के बराबर है . अब आप समझ गये होंगे कि देश में फैला वायु प्रदूषण कैसे आपको बीमार बना रहा है . Indian Council of Medical Research की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2016 में Lung Cancer की वजह से 23 हज़ार 429 लोगों की मौत हुई थी .

हमारे देश में ज़्यादातर लोग Lung Cancer को सिर्फ़ सिगरेट पीने से जोड़ देते हैं लेकिन इस रिपोर्ट को देखकर लगता है कि सिगरेट ना पीने वालों के ऊपर भी इस बीमारी की तलवार लटक रही है . अगर आपको लग रहा है कि आप कई वर्षों से सिगरेट पी रहे हैं और आपको अब तक कोई नुकसान नहीं हुआ है तो हम आपको बता दें कि एक सिगरेट आपकी जिंदगी से 11 मिनट कम कर देती है सिगरेट पीने वालों को Lung Cancer के अलावा कई दूसरी गंभीर बीमारियों का ख़तरा रहता है . ऐसे लोग अगर चाहें तो मज़बूत इच्छाशक्ति की मदद से सिगरेट छोड़ सकते हैं

आज हमने आपको सावधान करने के लिए इस गंभीर बीमारी पर एक रिपोर्ट तैयार की है . जिसे आपको अपने पूरे परिवार के साथ देखना चाहिए.

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